SPONSORED

प्राचीन काल में नहीं था इन्टरनेट फिर भी लोग करते थे चैटिंग ! जानें कैसे ?

आज हम बताएँगे की कैसे प्राचीन काल में बिना इन्टरनेट के चैटिंग की जाती थी।

SPONSORED

,

कबूतर के साथ अपना सन्देश भेजते थे।

कबूतर के साथ अपना सन्देश भेजते थे।

आज किसी कबूतर के साथ चिट्टी तो क्या अगर कबूतर को दाना भी डालें तो वो फर-फर करता उड़ जाता हैं  पर पहले ऐसा नहीं होता था कबूतर एक दुसरे के सन्देश लेजाने का काम करते थे।

RELATED STORIES

SPONSORED
SPONSORED

पालतू जानवर के साथ अपना सन्देश भेजते थे।

पालतू जानवर के साथ अपना सन्देश भेजते थे।
via

प्राचीन काल में लोगो के पास साधन तो थे नहीं की वो दूर जाकर खुद कोई बात कह कर आये या कोई सन्देश देकर आये इसलिए वो अपने पालतू जानवर का साथ लेते थे और उसे अपना संदेश देकर भेजते थे।

इशारों में बातें हो जाती थी।

इशारों में बातें हो जाती थी।
via

आज फोन पर भी बात समझ में नहीं आती हैं पर पहले इशारों में भी बातें हो जाती थी।

वृक्षों से बातें करते थे।

वृक्षों से बातें करते थे।
via

 शास्त्रों में लिखा हैं की प्राचीन काल में वृक्ष भी बोला करते थे और इंसानों के साथ बातें करते थे।

पेड़ के ऊपर अपना सन्देश खोद देते थे।

पेड़ के ऊपर अपना सन्देश खोद देते थे।
via

प्राचीन काल की ये कला आज भी अनेक जगहों पर मिल जायेगी पहले अपने किसी सन्देश को किसी भी पेड़ पर खोद कर छाप दिया जाता था जैसे आज के जमाने में किसी भी चीज की ऐड डालते हैं।

अलग-अलग रंग के झंडो में छुपे होते थे चैटिंग के राज।

अलग-अलग रंग के झंडो में छुपे होते थे चैटिंग के राज।
via

प्राचीन काल में लोग अलग अलग रंग के झंडो में अलग अलग सन्देश छिपाकर रखते थे, जिसमे वो उन झंडों को किसी बड़े पहाड़ पर लगा दिया जाता था और उसके किसी गुप्तचर को उसका सन्देश मिल जाता था।

एक अनोखी शक्ति से होती थी चैटिंग।

एक अनोखी शक्ति से होती थी चैटिंग।
via

 प्राचीन काल में एक ऐसी शक्ति विख्यात थी जो आज लुप्त हैं  प्राचीन काल के साधू माहत्मा आँखे बंद करके किसी भी मनुष्य से कितनी भी दूर बातें कर सकते थे, आज ये कुछ नाटकों में देखने को मिलती हैं  ।

उलटी सीधी लकीरों में छुपे होते थे चैटिंग करने के सीक्रेट

उलटी सीधी लकीरों में छुपे होते थे चैटिंग करने के सीक्रेट
via

 प्राचीन काल में राजा अपने किसी भी गुप्तचर का सन्देश एक ऐसी भाषा में पढ़ते थे जिनका कोई मतलब नहीं होता था और उसमे सिर्फ उलटी सीधी लकीरें होती थी जो राजा या उसके गुप्तचर ही समझ पाते थे ।

SPONSORED