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गणेश चतुर्थी के बारे में कुछ बातें जो जानना ज़रूरी हैं 

क्यूँ प्रचलित है चतुर्थी?

गणेश चतुर्थी के बारे में कुछ बातें जो जानना ज़रूरी हैं 
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पूरे भारत में बड़े ही उत्साह से मनाया जाने वाला ये पर्व, वैसे तो 10 दिनों के लिए होता है और मानाने का कारण ये है कि इस दिन "गणेश जी" का जन्म दिन मनाया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं की शिवाजी से लेकर बाल गंगाधर तिलक तक इस त्यौहार का अपना ही एक अलग इतिहास है.

शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है गणेश चतुर्थी, और इसका बहुत बड़ा इतिहास है भारत में, आगे पढ़िये कब भारत में आरम्भ हुआ.

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अमीर हो या ग़रीब, सबके लिए भगवान् तो समान ही हैं 

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अलग अलग अवतार 

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क्या आप जानते है के गणेश जी के 108 नाम और भी है, जिनमे से विघ्नहर्ता सबसे ज़्यादा प्रचलित है. बुद्धि, ज्ञान और कला का देवा माना जाता है.

क्रिकेटर से लेकर फ़िल्मी सितारों तक मनाते  है ज़ोर शोर से 

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कुछ मुख्य अवस्था   

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पहला हिस्सा होता है "प्राणप्रतिष्ठा" जिसमे मूर्ति को लाया जाता है और उचित स्थान पर मुहूर्त के अनुसार रखा जाता है, गणेश चतुर्थी के दौरान उत्तर पूजा की जाती है और अन्त में विसर्जन। 

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शिवाजी के समय "गणेश चतुर्थी" पहली बार पुणे में मनाया गया था.

शिवाजी के समय
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"बाल गंगाधर तिलक" जी ने की थी दुबारा शुरुआत 

इतिहास की माने तो गणेश चतुर्थी का आरम्भ, मराठा सैनानी छत्रपति शिवाजी द्वारा किया गया था, भारत की सभ्यता और राष्ट्रीयता को एकजुट करने के लिए,उसके बाद 1893 में लोकमान्य बालगंगाधर तिलक जी द्वारा इसे सार्वजनिक समारोह के रूप में मनाया जाने लगा ताकि अंग्रेज़ों की नीतियों का विरोध कर सके !

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