आखिर धोनी ने क्यों कर लिया अपने ही सगे भाई से किनारा 

धोनी की अनकही कहानी जो फिल्म में नहीं दिखाई गई।

आखिर धोनी ने क्यों कर लिया अपने ही सगे भाई से किनारा 
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भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक बल्लेबाज और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के फैंस उनकी जिंदगी के बारे में लगभग सबकुछ जानते हैं। फिर 2016 में तो धोनी की बायोपिक 'एमएस धोनी - एन अनटोल्ड स्टोरी' भी आई थी। इस फिल्म में माही की जिंदगी के कई अनकहे किस्सों को बहुत ही खूबसूरती के साथ दिखाया गया था। 

फिल्म में धोनी के क्रिकेटर बनने के पहले की जिंदगी वाले हिस्से में उनके परिवार को भी दिखाया गया था। फिल्म में तो हमने माही के माता-पिता और बहन को देखा। 

मगर असल जिंदगी में धोनी के एक भाई भी हैं, जिनका फिल्म में जिक्र भी नहीं किया गया। कौन हैं धोनी के भाई? उनका माही से रिश्ता कैसा है? आइए हम आपको बताते हैं।

धोनी का पहला प्यार 

धोनी का पहला प्यार 

भले ही माही की शादी हो गई हो। मगर फिर भी फिल्म में उनके पहले प्यार का भी जिक्र किया गया। और तो और यह भी बताया गया कि गर्लफ्रेंड की मौत के बाद धोनी कितना टूट गए थे।

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बड़ी बहन का साथ 

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फिल्म में यह भी दिखाया गया कि धोनी की बड़ी बहन जयंती ने उनका कितना साथ दिया था। लेकिन उनके बड़े भाई का कहीं जिक्र नहीं किया गया। इस बारे में माही के भाई ने कहा था,"यह तो फिल्ममेकर की ही पसंद हो सकती है। इसमें मैं क्या कह सकता हूँ।" 

चलिए अब आपको मिलवाते हैं माही के बड़े भाई से।

महेंद्र से बड़े हैं "नरेंद्र"  

महेंद्र से बड़े हैं
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22 अक्टूम्बर 1971 में जन्मे नरेन्द्र, महेंद्र सिंह धोनी से 10 साल बड़े हैं। वो भी रांची में ही रहते हैं।

वो पेशे से पॉलिटिशियन हैं

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महेंद्र सिंह धोनी के भाई नरेन्द्र सिंह धोनी पेशे से एक पॉलिटिशियन हैं, जो मुलायम सिंह की पार्टी सपा से जुड़े हुए हैं। सपा से पहले नरेंद्र भाजपा से जुड़े थे। 

धोनी के भैया-भाभी 

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नरेंद्र सिंह धोनी की 21 नवम्बर 2007 में शादी हो गई थी। फिलहाल वो पत्नी के साथ रहते हैं।

धोनी के भतीजे-भतीजी

धोनी के भतीजे-भतीजी
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नरेन्द्र सिंह धोनी के दो प्यारे-प्यारे बच्चे भी हैं।

शुरुआती दिनों में रहते थे सब साथ

शुरुआती दिनों में रहते थे सब साथ
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शुरुआत के दिनों में सब साथ रहते थे। साथ में हंसते और रोते थे। किसी से किसी का कोई मनमुटाव नहीं था। हालांकि जब धोनी ने पहली बार बल्ला उठाया था, तब नरेंद्र उनके साथ नहीं थे। वो घर से दूर जा चुके थे। लेकिन छुट्टियों में उन्होंने धोनी के मैच जरूर देखे।

नहीं होगा याद 

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नरेंद्र ने एक इंटरव्यू में बताया था कि धोनी के जीवन में उनका फिजिकल नहीं मॉरल कॉन्ट्रिब्यूशन रहा है, जिसे फिल्म में नहीं दिखाया जा सकता था। उनके अनुसार माही को उनके भाई के साथ बिताए लम्हे ठीक से याद भी नहीं होंगे। कारण कि तब तो माही छोटे थे।

1991 से अलग

1991 से अलग
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नरेंद्र तो 1991 से ही अपने परिवार से दूर रहे हैं। वे अब भी सीधी-सादी जिंदगी जीना पसंद करते हैं। रांची में अपने परिवार से अलग ही रहते हैं।

हमें उस पर गर्व है 

हमें उस पर गर्व है 

नरेंद्र के अनुसार वे बिल्कुल अच्छे भाइयों की तरह ही रहते थे। सभी को आज भी माही पर गर्व है। 

गौरतलब है कि माही का अपने भाई से कभी इतना जुड़ाव नहीं रहा इसलिए वो उनका इतना जिक्र नहीं करते हैं लेकिन इनके बीच कोई मनमुटाव भी नहीं है, यह तो उनके परिवार का मसला है। 

क्या आप मानते हैं कि माही को आज भी लोग इतना ही प्यार करते हैं?