रिलायंस जिओ vs टेलिकॉम 11: टेलिकॉम कंपनियों ने रिलायंस  जिओ की इनकमिंग कॉल के लिए किया मना 

टेलिकॉम कंपनियों ने एक बड़ा फैसला करके रिलायंस जियो के कॉल पर नो इंट्री लगा दी है।

रिलायंस जिओ vs टेलिकॉम 11: टेलिकॉम कंपनियों ने रिलायंस  जिओ की इनकमिंग कॉल के लिए किया मना 
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रिलायंस जियो ने सस्ते डाटा प्लान क्या शुरू किये उसकी मुसीबत और दुश्मन दिनों-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। इन एक हफ्तों में क्या-क्या नहीं कहा गया रिलायंस जिओ ग्राहकों से धोखे बाज़ी कर रही है, रिलायंस जिओ गरीबों की सिम है, रिलायंस जियो का नेटवर्क ख़राब है और भी पता नहीं क्या-क्या, मगर इसके बावजूद भी रिलायंस जियो का परिवार एक ही हफ्ते में करोड़ो के आकड़ों को छु गया।

अब टेलिकॉम कंपनियों ने एक बड़ा फैसला करके रिलायंस जियो के कॉल पर नो इंट्री लगा दी है। इससे पहले आप टेलिकॉम कंपनियों को कोसना शुरू कर दो आइये पहले इसकी वजह जान लेते हैं      

सीओएआई ने पीएमओ को लिखा ख़त  

सीओएआई ने पीएमओ को लिखा ख़त  

अभी हाल ही में सीओएआई ने पीएमओ को ख़त लिखा कर रिलायंस जियो की इंटरकनेक्टिंग रद्द करने की सिफारिश की गई जिसमे नेटवर्क की अनुपलब्धता तथा फाइनेंसियल रिसोर्स को प्रमुख कारण बताया 

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प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रटरी नृपेंद्र मिश्रा से मिलने का  माँगा था वक्त  

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अभी दो हफ्तें पहले सीओएआई की टीम ने प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेकेट्री नृपेन्द्र मिश्रा से मिलने का वक्त माँगा था। असोसिएशन ने ट्राई के कुछ कंसल्टेंशन पेपर्स को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए यह अपील की थी।     

ट्राई के कुछ फैसले मोजुदा टेलिकॉम कंपनियों के खिलाफ है 

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सिओएआइ का कहना है, मोबाइल टर्मिनेशन चार्जेज, टर्मिनेशन ऑफ इंटरनेट टेलीफोनी चार्जेज और क्वॉलिटी सर्विस पर हाल में ट्राई ने जो कंसल्टेशन पेपर जारी किए हैं, वे मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ हैं। असोसिएशन के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यूज ने पीएमओ को लिखे लेटर में कहा था, 'इन पेपर्स और ट्राई के कुछ फैसलों से मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों के साथ भेदभाव का पैटर्न बनता है।'

इसी संस्था का हिस्सा है जियो 

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जियो भी इस असोसिएशन का हिस्सा है। इससे पहले ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने किसी पक्षपात से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि रेगुलेटर कंज्यूमर्स के हितों की रक्षा, कॉम्पिटिशन को बढ़ावा देने और इंडस्ट्री की ग्रोथ के लिए काम करता रहेगा।

वोइस कॉल प्रति मिनट से घटकर और भी निचले स्तर पर आ जायगी 

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सेल्युलर ऑपरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया ने लेटर में कहा गया, 'रिलायंस जियो के 10 करोड़ उपभोक्ता (संभावित) के इनकमिंग वॉइस ट्रैफिक को अनलोड करने से मौजूदा ऑपरेटरों का वेटेड औसत वॉइस रियलाइजेशन 30-40 पैसे वॉइस प्रति मिनट से घटकर 22-25 पैसे वॉइस प्रति मिनट या इससे भी निचले इस्तर पर चला जाएगा।

सामान्य नेटवर्क की अपेक्षा जियो का रेटियो कहीं ज्यादा होता है 

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सिओएआइ के अनुसार जब कोई सामान्य सिम कॉल करती है तो उसके रेटियो का अनुपात 1:1 होता है मगर जब रिलायन्स जियो कॉल करती है उसके रेटियो का अनुपात बढ़ कर 1:10 हो जाता है। और जब करोड़ो उपभोक्ता इसका इस्तेमाल करेंगे तो यह बढ़ कर 15:1 हो जायगा।  

जरुरत है 12,500 E1 पोर्ट्स की 

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सिओएआइ के अनुसार अगर बेहतर नेटवर्क करना है, तो 22 करोड़ उपभोक्ता के लिए इंटरकनेक्ट पोर्ट्स कम से कम 12,500 E1 तो होना ही चाहिए।

अभी फ़िलहाल तो भारत सरकार ने यह अपील ठुकरा दी है, मगर टेलिकॉम कंपनियों का यह कोल्ड वॉर लग बड़ा रोचक रहा है।