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बच्चों व महिलाओं को 'सेक्स स्लेव्स' की तरह इस्तेमाल कर रहा है ISIS

आतंकी संगठन ISIS की बच्चों को आतंक में धकेलने हेतु चल रही है कोशिश। 

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ISIS

क्या है ISIS : एक नजर में। 

क्या है ISIS : एक नजर में। 

आईएसआईएस या 'इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक एंड सीरिया' को अमेरिका व संयुक्त राष्ट्र समेत विश्व भर की विभिन्न सरकारों के द्वारा आतंकी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित किया गया है। यह संगठन सर्वप्रथम जून 2014 में इस्लामिक स्टेट के नाम से अस्तित्व में आया था। उसके बाद से ही यह संगठन इराक़ व सीरिया के क्षेत्रों में दहशतगर्दी को चरम में ले जाने पर काम कर रहा है। हाल ही में विश्व के अलग अलग क्षेत्रों में हुई आतंकी घटनाओं की जिम्मेदारी भी इसी समूह नें ली है। आज अमेरिका, जर्मनी, रूस समेत विश्व के सभी बड़े देशों की आतंक के खिलाफ लड़ाई में मुख्य बाधक बने ISIS के खिलाफ किसी ठोस कार्यवाही की सख्त आवश्यकता है। 

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भारी मात्रा में महिलाएं एवम बच्चे हैं बंधक

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सीरियाई एवम इराकी इलाकों में ISIS की पकड़ काफी मजबूत हो चुकी है। इसका एक भयावह पहलू 2014 में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में सामने आया था। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार ISIS के कब्जे में लगभग 25 हज़ार महिलाएं एवम बच्चे बंधक हैं। यह कुछ अन्य विवरणों के अनुसार आंकड़ों में संख्या इससे भी काफी अधिक है।

ईरान की न्यूज़ एजेंसी का ताजा खुलासा

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ईरान की FARS न्यूज एजेंसी ने सीरिया के डेर ए-जोर में बच्चों को सेक्स स्लेव्स की तरह इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी है| इसके पीछे भी ISIS की एक रणनीती है। आइये आगे की खबर में जानते हैं क्या है ISIS की योजना।

बच्चों के साथ बलात्कार कर बनाते हैं वीडियो

बच्चों के साथ बलात्कार कर बनाते हैं वीडियो
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ISIS आतंकियों की दरिंदगी का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ये आतंकी बच्चों का यौन शोषण करते हुए उनका वीडियो भी तैयार करते हैं। मासूम बच्चों व लड़कियों को इस यातना का शिकार बनाया जाता है। अमूमन जंग में भेजने के पहले इन बच्चों व लड़कियों का बलात्कार कर उनका वीडियो फुटेज तैयार किया जाता है।

ब्लैकमेल कर जबरन धकेला जाता है आतंक के रास्ते पर

ब्लैकमेल कर जबरन धकेला जाता है आतंक के रास्ते पर
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ISIS की रणनीती यह है कि इन बच्चों व लड़कियों के बलात्कार के वीडियो का इस्तेमाल इन्हें ब्लैकमेल करने में किया जाता है। ब्लैकमेल कर इन्हें जंग व आतंक की दुनिया में जाने पर मजबूर किया जाता है। इनमें से जो कोई भी आतंक की इस दुनिया से मुँह मोड़कर वापस जाने की कोशिश करता है उसे इन्हीं वीडियो के जरिये बदनाम करने की धमकी देकर रुकने के लिए मजबूर किया जाता है।

नीलाम किया जाता है इन बच्चों व लड़कियों को

नीलाम किया जाता है इन बच्चों व लड़कियों को
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यदि आपसे कहा जाए कि आज भी लड़कियों व बच्चों को 'सेक्स स्लेव' की तरह नीलाम किया जाता है तो शायद आप मेरा विश्वास ना करें। परंतु यह आज के जमाने में भी एक कड़वा सच है कि ISIS के द्वारा इन मासूम बच्चों व लड़कियों को बाज़ार में नीलाम किया जाता है। इस नीलामी में जो इनकी सबसे ज्यादा कीमत अदा करता है उस व्यक्ति को ये बच्चे यौन शोषण या 'सेक्स स्लेव' की तरह इस्तेमाल करने हेतु दे दिए जाते हैं। ट्यूनीशिया से जारी एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक बच्चे की कीमत साढ़े 6 लाख रुपए तक लगाई जा रही है।

कई जगह मिल चुके हैं 'यातना गृह'

कई जगह मिल चुके हैं 'यातना गृह'
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सीरिया के कई इलाकों में से आतंकियों को बाहर खदेड़ने के बाद जब उनके यातना गृह लोगों के सामने आये तो उनकी रूह भी कांप उठी। ऐसा ही एक यातना गृह हाल ही में सीरिया के मनबिज शहर में मिला था। यहां महिलाओं को कैद कर उन्हें सेक्स स्लेव की तरह इस्तेमाल किया जाता था।

यातना गृह में दी जाती थी महिलाओं को ऐसी तकलीफ

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मनबिज में मिले यातना गृह को 10- सेल जेल के नाम से जाना जाता था। जब इराक़ी सैनिक इस जगह पहुंचे थे तो यह काफी गन्दी हालत में मिली थी। सेल में सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवाएं, गर्भनिरोधक गोलियां और ड्रग्स भी पाये गए थे। जब इस नर्क की आग में जल कर महिलाएं थक जाती थी तब भी उनकी सुनने वाला यहाँ कोई मौजूद नहीं था। शायद इसीलिए वे दीवारों में प्रार्थनाएं लिखकर भगवान् से मदद माँगा करती थी। इस यातना गृह में महिलाओं को टॉर्चर करने के कई सेक्स टूल्स भी मिले थे।

इससे बेहतर तो मौत आ जाए

इससे बेहतर तो मौत आ जाए
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ISIS के चंगुल से बाहर निकली कुछ महिलाओं नें जब अपना हाल बयान किया तो सुनने वाले हर शख्स का दिल दहल उठा था। उनके अनुसार इन दरिंदो के कब्जे में फँसी लडकियां व बच्चे अब आजादी की आस छोड़ चुके हैं। उन्हें तो अब केवल मौत का इंतज़ार है।

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