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शतरंज के बारे में ऐसे अनोखे तथ्य पढ़कर हैरान रह जाओगे आप

शतरंज के बारे में अनोखे रहस्य जो आप नहीं जानते होंगे आइये हम बताते हैं। 



शतरंज
के बारे में ऐसे अनोखे तथ्य पढ़कर हैरान रह जाओगे आप
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1. शतरंज की शुरुआत

1. शतरंज की शुरुआत

इस खेल की शुरुआत गुप्त सम्राज्य द्वारा भारत में की गई थी और 9 वीं शताब्दी में ये खेल पश्चिम में पहुँच गया। हलांकि इसमें बदलाव होते रहे और ये खेल लोगो का लोकप्रिय होता गया 1280 में स्पेन के प्यादों को दो कदम बढाने का भी नियम शुरू हुआ था।

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 2. शतरंज की मशीन

 2. शतरंज की मशीन
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आपको सुनकर अजीब लगा होगा पर शतरंज मशीन का भी अविष्कार हुआ था तुर्क में 1770 एक ऐसी शतरंज मशीन बनाई गई थी जिसमे शतरंज के टुकड़े अपने आप हमारे चहरे के भावों के आधार पर हिलते थे। वो एक कटपुतली के समान बनाई गई थी जो किसी की भी नकल करने में समर्थ थी उसके लिए एक एक्सपर्ट की जरूरत होती थी।

 3. कैसे बनी रानी शतरंज में

 3. कैसे बनी रानी शतरंज में
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जब इस खेल की शुरुआत हुई तब इसमें एक वर्ग ऐसा था जो पहला कदम तिरछा बढ़ता उसके बाद दो कदम सीधे बढाता था, जिसे परामर्शदाता भी कहा जाता था। जब इस खेल मे गौरों की रूचि हुई तब उस प्यादे का नाम रानी रख दिया गया जिससे रानी का निर्माण हुआ और वो एक मजबूत प्यादे के रूप में शामिल हो गई।

4. अनगिनत चालें

4. अनगिनत चालें
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यह सच है की शतरंज एक जटिल खेल ह। ये खेल तब तक खत्म नहीं होता जब तक इसमें कोई अपना दिमाग ना लगायें या यूँ कहें की किती भी चालें चलो इस खेल का अंत एक इंटेलिजेंट ही करता है ।

5. चेस बॉक्सिंग

5. चेस बॉक्सिंग
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शतरंज ऐसा खेल है जैसे मुक्केबाजी का होता है हम बहुत बार देखते है जैसे ही एक धावक दुसरे को दबाता है तो तीसरा उसकी मदद के लिए आ जाता है कुछ इसी तरह शतरंज में भी होता है जब एक प्यादा हार मानता है तो दो प्यादे उसकी भरपाई करने के लिए आ जाते है।

6. डीप ब्लू दर्ज

6. डीप ब्लू दर्ज
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इसने  एक विश्व प्रसिद्ध शतरंज खिलाड़ी गैरी कास्परोव को पराजित किया था। 2006 में बाद में, दीप फ्रिट्ज ने  विश्व चैंपियन व्लादिमीर क्र्ममिक को भी हराया था।

7. स्टार ट्रेक 3-डी शतरंज

7. स्टार ट्रेक 3-डी शतरंज
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3-डी शतरंज स्टार ट्रेक के टीवी पर सबसे ज्यादा लोकप्रिय है।

8. अपने मुताबिक चालें

8. अपने मुताबिक चालें
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अगर शतरंज में अपनी मर्जी के मुताबिक चालें होती तो ये खेल बहुत पहले ही लुप्त हो जाता पर इस खेल में रखे गए नियम और इसे खेलने का अलग तरीका इस खेल को बहुत ही जटिल बना देता है। इस खेल का तथ्य ये भी है की इसमें उद्घाटन चाल 1000 से ज्यादा भी हो सकती हैं।

9. मूर्ख मेट (दोस्त)

9. मूर्ख मेट (दोस्त)
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इस खेल का नाम मुर्ख दोस्त भी रखा गया है जो किसी एक को मुर्ख साबित करता है और इस खेल में अधिकतर दिमागी दोस्त ही जीतता है इसलिए शतरंज का नाम मुर्ख दोस्त भी रखा गया हैं ।

10. शतरंज बोर्ड

10. शतरंज बोर्ड
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शतरंज बोर्ड का निर्माण एक पुजारी ने किया था 1125 में पादरियों ने इस खेल को खलेने के लिए मना किया था पर उस पुजारी ने अपने चतुर दिमाग से एक शतरंज बोर्ड का अविष्कार किया और जब भी समय मिलता वो खलने लग जाता था । उस बोर्ड को पुस्तक की भाँती बनाया गया जो दिखने में एक पुस्तक ही नजर आती थी।

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