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जियो का असर : BSNL-वोडा साथ आये, ग्राहकों को फायदा 

जियो के 4G अभियान का सामना करने के लिए BSNL एवं वोडा नें मिलाया हाथ। 

जियो का असर : BSNL-वोडा साथ आये, ग्राहकों को फायदा 
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भारत में टेलीकॉम क्षेत्र का बाज़ार काफी बड़ा है। यहाँ आज तक सभी नेटवर्क प्रदाता कंपनियों के बीच गला काट प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है।भारतीय टेलीकॉम बाज़ार में निजी कंपनी 'रिलायंस जियो' के आने के बाद से ही बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला है।

जियो को मिल रही अपार सफलता ने बाकी कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में काफी पीछे धकेल दिया है। इस स्थिति से निपटने के लिए अब अन्य कंपनी वाले आपस में हाथ मिला रहे हैं। इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। भारतीय सरकारी क्षेत्र की कंपनी BSNL नें अब निजी कंपनी वोडा के साथ हाथ मिला लिया है। 

आइये इस बारे में थोड़ी खबर और जानते हैं। 

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जियो ने बिगाड़ा समीकरण 

जियो ने बिगाड़ा समीकरण 

भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र में आज तक कभी किसी कंपनी ने मौजूद बाज़ार के रेट से अपने दाम इतने नीचे गिरा कर लोगों को इतनी शानदार सेवा नहीं दी है। इसका असर यह हो रहा था कि एक तरफ सभी कंपनियाँ डिजिटल इंडिया की बात करती थी, वहीं दूसरी तरफ इनकी डाटा सर्विस व कॉल सर्विस का इस्तेमाल करना आम जनता की जेब में काफी भारी पड़ने लगा था। इसी बीच जियो नें बेहद काम दरों में बेहतर डाटा सर्विस एवं मुफ्त कॉल सर्विस का फॉर्मूला निकाल कर सभी कंपनियों के समीकरण को बिगाड़ सा दिया है। 

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बीएसएनएल नें उठाया कदम 

बीएसएनएल नें उठाया कदम 
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जियो के बढ़ते बाज़ार से खतरा आज भारत की सभी टेलीकॉम प्रदाता कंपनियों को नज़र आ रहा है। इसी खतरे को भांपते हुए बीएसएनएल इंडिया नें जियो के खिलाफ एक सटीक योजना के साथ मैदान में उतरने की ठान ली है। 

वोडाफोन ने दिया बीएसएनएल का साथ 

वोडाफोन ने दिया बीएसएनएल का साथ 
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जियो के खिलाफ उतरने के इस फैसले में बीएसएनएल को निजी टेलीकॉम प्रदाता कंपनी वोडाफ़ोन का साथ मिला है। वोडाफोन को  भी इस बात का एहसास हो चुका है कि यदि अभी कोई कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में बाज़ार जियो की मुट्ठी में होगा। 

यह हुआ दोनों के बीच करार 

यह हुआ दोनों के बीच करार 
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बीएसएनएल एवं वोडा नें आपस में समझौता कर एक दूसरे के मोबाइल टॉवर को इस्तेमाल करने का समझौता कर लिया है। इसका फायदा बीएसएनएल एवं वोडाफोन दोनों ही कंपनियों को होगा। आइये जानते हैं इस समझौते की कुछ ख़ास बातें। 

कर सकेंगे एक-दूसरे के मोबाइल टॉवर इस्तेमाल 

कर सकेंगे एक-दूसरे के मोबाइल टॉवर इस्तेमाल 
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इस समझौते का सबसे अहम् भाग है कि अब बीएसएनएल एवं वोडा दोनों ही कम्पनियाँ एक-दूसरे के 2 जी मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल इस्तेमाल कर सकेंगे। ज्ञात हो कि देशभर में वोडा के कुल 1 लाख 37 हज़ार एवं बीएसएनएल के कुल 1 लाख 14 हज़ार मोबाइल टॉवर मौजूद हैं। यदि ये दोनों कम्पनियाँ मिल कर काम करती हैं तो इसका फायदा सीधे तौर पर ग्राहकों को मिलेगा। 

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ग्राहकों को मिलेगा यह फायदा

ग्राहकों को मिलेगा यह फायदा
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नेटवर्क टॉवर का इस्तेमाल करने पर करार हो जाने के बाद इसका फायदा बीएसएनएल एवं वोडा दोनों ही कंपनियों के ग्राहकों को मिलेगा। इस समझौते से जहाँ एक तरफ वोडाफोन को ग्रामीण इलाकों में अपना नेटवर्क सुधारने में काफी मदद मिलेगी वहीं दूसरी तरफ बीएसएनएल को शहरी क्षेत्रों में काफी फायदा मिलेगा। 

एयरटेल को भी हुआ है नुकसान 

एयरटेल को भी हुआ है नुकसान 
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ऐसा नहीं है कि जियो के बाज़ार में उतरने से केवल वोडा एवं बीएसएनएल को नुकसान उठाना पड़ रहा है। निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनी 'एयरटेल भारती' एवं 'आईडिया' को भी जिओ के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। 'एयरटेल' नें अब इस बारे में ध्यान देते हुए अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। 

एयरटेल-आईडिया भी कर सकते हैं गठजोड़ 

एयरटेल-आईडिया भी कर सकते हैं गठजोड़ 
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बीएसएनएल-वोडा के आपस में हुए इस गठजोड़ से यदि इन्हें फायदा होता हुआ दिखाई देता है तो आने वाले समय में आईडिया-एयरटेल भी जियो के खिलाफ गठबंधन कर सकते हैं। हालांकि जिओ के साथ नेटवर्क कंपनियों की इस प्रतिस्पर्धा का फायदा सीधे तौर पर ग्राहकों को ही मिलेगा। 

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