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खौफ, दहशत, हैवानियत के पर्याय हैं, मुंंबई के ये सबसे बड़े गैंगस्टर्स

पढ़ें गैंगस्टर्स की अनसुनी कहानी। 

खौफ, दहशत, हैवानियत के पर्याय हैं, मुंंबई के ये सबसे बड़े गैंगस्टर्स
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भारत में अंडरवर्ल्ड की जड़ें मुंबई से शुरू होती हैं। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद के बारे में देश का बच्चा-बच्चा जानता है। लेकिन हम आपको बताएंगे उन सारे कुख्यात अपराधियों की दास्तान जिन्होनें भारत की धरती पर अपराध की अफीम बोई। जुर्म की ये कहानी शुरू होती है मुंबई के डोंगरी से और जा पहुंचती है दुबई तक, आईये जानते हैं देश के कुख्यात अपराधियों के बारें में अनसुनी बातें। 

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1. करीम लाला,  1911-2002

1. करीम लाला,  1911-2002

करीम लाला का असली नाम अब्दुल करीम खान था। 1940-50 के दशक में लाला का मुंबई में सिक्का चलता था। जुए के अड्डे से लाला ने शुरूआत की, इसके बाद हत्या, लूट जैसे अपराध शुरू कर दिए। 1940 के आस पास लाला ने हीरे जवाहरातों के तस्करी का काम कर खूब पैसा कमाया।

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 हाजी मस्तान और करीम लाला

 हाजी मस्तान और करीम लाला
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लाला के पास हमेशा एक छड़ी रहती थी। जानकार बताते हैं कि इस छड़ी से लोग दहशत में रहते थे। लाला के बढ़ते प्रभाव ने उसे हाजी मस्तान के करीब ला दिया। दोनों ने अपना अपना इलाका बांट लिया। लेकिन फिर एंट्री हुई दाऊद इब्राहिम की और धीरे-धीरे 1980 के आस पास करीम लाला गैंग खत्म हो गया।

2. हाजी मस्तान, 1926-1994

2. हाजी मस्तान, 1926-1994

हाजी मस्तान का असली नाम मस्तान मिर्जा था। बेहद गरीब परिवार से आने वाले मस्तान ने मुंबई आने के बाद डॉक पर कुली का काम शुरू कर दिया। और यहीं से शुरू हुई तस्करी और डॉन बनने की कहानी। गुजरात के कुख्यात तस्कर सुकुर नारायण के संपर्क में आकर मस्तान का बाहुबल और बढ़ गया। 1970 आते-आते हाजी मस्तान मुंबई का सबसे बड़ा डॉन बन गया।

 हाजी मस्तान, एक कार्यक्रम के दौरान

 हाजी मस्तान, एक कार्यक्रम के दौरान
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मस्तान का बॉलीवुड प्रेम जग जाहिर था। कई बड़े सितारों से उसकी जान पहचान थी, कहा जाता है कि मस्तान मधुबाला से प्यार करता था और शादी भी करना चाहता था।

3. वरदराजन मुदालियर, 1926-1988

3. वरदराजन मुदालियर, 1926-1988
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वरदराजन मुदालियर को लोग वरदा भाई बुलाते थे। वरदा, हाजी मस्तान और करीम लाला एक ही समय के थे। वरदराजन ने भी अपनी शुरूआत तूतीकोरिन में बतौर कुली की थी लेकिन उसके बाद वो तस्करी के धंधे से जुड़ गया। 1960-1980 के बीच वरदा ने ड्रग्स तस्करी एवं सुपारी जैसे सारे गोरखधंधे किए। वरदा पूजा पाठ में खास ध्यान रखता था, मुंबई के धारावी और माटुंगा में वो गणेश पूजा भी कराता था।

4. मान्या सुर्वे, 1944-1982

4. मान्या सुर्वे, 1944-1982
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मान्या सुर्वे का असली नाम मनोहर अर्जुन सुर्वे था। मान्या मुंबई के कीर्ति कॉलेस से स्नातक था। जब वो अपराध की दुनिया में आया तो अपने साथ अपने कॉलेज के दोस्तों को भी ले आया। 1970-1980 के बीच मान्या मुंबई के सबसे बड़े गैंगस्टर्स में से एक था। माना जाता है कि मान्या दाऊद इब्राहिम के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक था। 1982 में एक एनकाउंटर में मान्या मारा गया।

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5. दाऊद कासकर इब्राहिम, 1965- अब तक

5. दाऊद कासकर इब्राहिम, 1965- अब तक
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दाऊद इब्राहिम देश का सबसे बड़ा अंडरवर्ल्ड डॉन है। दाऊद भारत के मोस्ट वांटेड अपराधियों के लिस्ट में पहले नंबर पर आता है वहीं दुनिया के सबसे खूंखार आंतकियों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर। दाऊद के पिता एक पुलिस कांस्टेबल थे। डोंगरी में चोरी, लूटपाट जैसे अपराधों से दाऊद ने शुरूआत की, बाद में वो हाजी मस्तान गैंग में शामिल हो गया। हाजी मस्तान और करीम लाला की मुंबई में सक्रियता खत्म होने के बाद दाऊद मुंबई का सबसे बड़ा डॉन बना।

 मैच के दौरान दर्शक दीर्घा में दाऊद

 मैच के दौरान दर्शक दीर्घा में दाऊद
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बॉलीवुड से लेकर क्रिकेट गलियारों तक दाऊद की धमक सुनने को मिलती रहती है।

6. राजेंद्र सदाशिव उर्फ छोटा राजन

6. राजेंद्र सदाशिव उर्फ छोटा राजन
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छोटा राजन का असली नाम है राजेंद्र सदाशिव निखल्जे। छोटा राजन शुरूआत में सिनेमा की टिकट ब्लैक किया करता था लेकिन राजन महादेवन यानि बड़ा राजन के संपर्क में आने के बाद दाऊद इब्राहिम से जुड़ गया। कभी दाऊद इब्राहिम का दाहिना हाथ रहा छोटा राजन मुंबई धमाकों के बाद दाऊद से अलग हो गया। दोनों के बीच जंग शुरू हो गई और दोनों विदेश भाग गए। फिलहाल जेल में बंद है छोटा राजन।

7. अरुण गवली, 

7. अरुण गवली, 
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दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन के विदेश भागने के बाद मुंबई में अरुण गवली ने अपनी पकड़ बनाई। मुंबई के एक चॉल में रहने वाला गवली धीरे-धीरे मुंबई का सबसे बड़ा गैंगस्टर बन गया। जानकार बताते हैं कि गवली के गैंग में करीब 800 अपराधी काम करते थे। हत्या, तस्करी और सुपारी से गवली का खौफ फैलने लगा था, गवली को सुपारी किंग बोला जाने लगा था। गवली ने राजनीति में भी हाथ आजमाया और चुनाव भी जीता। मुंबई पुलिस ने बड़े ऑपरेशन में धीरे-धीरे सारे अपराधियों को निपटाना शुरू कर दिया, गवली अब बस एक नाम है। आजकल जेल में सजा काट रहा है।

जुर्म के इन सारे आकाओं की कहानी कहीं ना कहीं अपराध से शुरू होती है और सजा पर खत्म हो जाती है।

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