24 घंटे, 200 हमले, सेकड़ों मौतें। आखिर कौन कर रहा है सीरिया की छाती पर मौत का तांडव?  

सीरिया में आसमान से बरस रही है मौत। 

24 घंटे, 200 हमले, सेकड़ों मौतें। आखिर कौन कर रहा है सीरिया की छाती पर मौत का तांडव?  
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सीरियाई ज़मीन की खून की प्यास लगता है अभी तक मिटी नहीं है। बीते चार सालों से चल रही सीरिया की सिविल वॉर रुकने का नाम ही नहीं ले रही। लाखों लोगों को निगल चुकी यह लड़ाई दिन प्रति दिन मृतकों की संख्या के आंकड़े बढायें जा रही है। यह रात जितना सोचा था उससे कहीं ज्यादा काली दिख रही है।

कभी मरने वाले सीरिया सरकार के होते हैं कभी विरोधियों के मगर खून से हर बार ज़मीन सीरिया की ही भीगती है।

सरिया और रूस की सेना ने मिलकर हमले किये

सरिया और रूस की सेना ने मिलकर हमले किये

सीरिया और रूस की सेना ने मिलकर फाइटर जेट से शुक्रवार और शनिवार के बीच करीब 200 बार हवाई हमले किए हैं। इसमें करीब 100 लोगों की मौत हुई है। इस हमले में ज्यादातर बेगुनाह लोग मारे गए हैं जिनमें कई मासूम बच्चे भी हैं। मलबे में कई लोग दबे हुए हैं। कई घायल हुए हैं, जिससे मौत का यह आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।

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5 साल की बच्ची को मलबे से जिंदा निकाला गया

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फानूश बनकर जिसकी हिफाजत हवा करे, वह चिराग क्या बुझे जिसे रोशन खुदा करे।

शुक्रवार को बाब अल-नैराब में हमले के बाद मलबे से एक पांच साल की बच्ची को जिंदा बचाने का वीडियो वायरल हो गया है। कई सोशल मीडिया साइट्स पर पोस्ट इस वीडियों में रेस्क्यू मेंबर बच्ची को बाल पकड़कर बाहर निकालते दिख रहा है। बच्ची की पहचान रवन अलोश के तौर पर हुई है। इस हमले में उसकी मां, पिता और चारों भाई-बहन मारे गए।

बचाने वालों को भी नहीं बख्शा 

बचाने वालों को भी नहीं बख्शा 

हमलों में रेस्क्यू ग्रुप व्हाइट हेलमेट को भी नहीं बख्शा गया है। अंसारी डिस्ट्रिक्ट में ग्रुप का हेडक्वार्टर बुरी तरह डैमेज हुआ है। एक्टिविस्ट्स का दावा है कि बैरल और वैक्यूम बमों से हमला किया गया है।

एक ही परिवार के 15 लोगों की मौत 40 बिल्डिंग तबाह 

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हमले की चपेट में बशकतीन शहर भी आया। यहां एक ही फैमिली के 15 लोग मारे गए। वॉलंटियर रेस्क्यू ग्रुप 'व्हाइट हेलमेट' के मुताबिक हमले में 40 बिल्डिंग तबाह हो गईं है। इस रेस्क्यू ग्रुप की तीन एंबुलेंस और दो हॉस्पिटल्स पर भी बम गिराए गए हैं। 2012 से सीरिया की कमर्शियल कैपिटल रहे अलेप्पो के वेस्टर्न हिस्से पर सरकार और ईस्टर्न पर विद्रोहियों का कब्जा है। विद्रोहियों के कब्जे वाले हिस्से में ढाई लाख लोग रह रहे हैं, जिसकी वजह से सेना के हमले में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे जा रहे हैं।

17 लाख लोग पानी को तरसे, बीमारी फ़ैलने का डर  

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लेप्पो में करीब 17.5 लाख लोग पीने के पानी को तरस गए हैं। दरअसल, बमबारी से शहर के पूर्व में मौजूद बाब-अल-नयराब पंपिंग स्टेशन बर्बाद हो गया है। इससे पूर्वी अलेप्पो में ढाई लाख की आबादी को पानी सप्लाई किया जाता था। तत्काल इसका ठीक होना मुमकिन नजर नहीं आ रहा।

सीरिया में बरसी आसमान से मौत 

इस जंग में चाहे जीत किसी की भी हो मगर हार हर पल इंसानियत की ही हो रही है।