SPONSORED

पैसे बचाने के 8 आसान तरीक़े, 5वां तो हम अक्सर करते ही हैं 

यह कुछ तरीक़े जो आम तौर पर हम सबने आज़माए ही होंगे।

पैसे बचाने के 8 आसान तरीक़े, 5वां तो हम अक्सर करते ही हैं 
SPONSORED

" " , , ... - - , ' '

1. पोंछा लगाने वाली t-shirt 

1. पोंछा लगाने वाली t-shirt 

आम तौर पर, भारतीय परिवारों में ऐसा होता ही है। पुरानी t-shirt का पोंछा बना लिया जाता है या तो होली खेलते समय बिजली के तार पर अटकी हुई दिखाई देती है। 

RELATED STORIES

SPONSORED
SPONSORED

2. प्लास्टिक में रखा रिमोट 

2. प्लास्टिक में रखा रिमोट 
via

हम भारतीय चाहे टी.वी. का नया रिमोट लाएं या चाहे नयी गाड़ी ही क्यूँ ना लाएं। थोड़े दिन उस पर प्लास्टिक चढ़ा ही रहता है। वैसे कारण तो मेरी समझ के भी बाहर है, लेकिन ठीक भी है, शायद नयी चीज़ों को धूल मिटटी से बचाने का तरीक़ा यही हो। 

3. धनिया और मिर्च 

3. धनिया और मिर्च 
via

"अरे थैली में थोड़ा धनिया ही डाल दो" सब्ज़ी मंडी में अगर आप गए हैं और आप ने यह शब्द ना सुने हों, ऐसा मुमकिन ही नहीं है। हम भारतीयों की आदत है हम "extra" वाली चीज़ कभी नहीं छोड़ते। 

4. टूथ पेस्ट में 'जब तक है जान' 

4. टूथ पेस्ट में 'जब तक है जान' 
via

टूथ पेस्ट को तब तक हम निचोड़ते हैं जब तक हमें पुष्टि नहीं हो जाती कि यह पूरी तरह से खाली हो चुका है और अगर तब भी न संतुष्टि मिले तो कैंची से काटने का तरीक़ा तो है ही। 

5. रद्दी पेपर 

5. रद्दी पेपर 
via

घर में अख़बार पढ़ने के अलावा, अख़बारों की रद्दी बेचने में भी बहुत मज़ा आता है। घर की सफाई अलग और पैसे अलग। 

6. सॉफ्ट ड्रिंक्स की बॉटल्स 

6. सॉफ्ट ड्रिंक्स की बॉटल्स 
via

अब आप ही देखिये किस तरह इन बॉटल्स का इस्तेमाल करके यह चीजें बनाई गई हैं। सॉफ्ट ड्रिंक्स बॉटल्स को कईं तरीकों से इस्तेमाल में लाया जा सकता है और आखिर इन चीज़ों का उपयोग करने में हर्ज ही क्या है। 

7. ट्रैन में खाना 

7. ट्रैन में खाना 
via

जब भी कहीं बाहर जाने की बात आती है, आम तौर पर ट्रैन में सफर करने की, तो मिक्सचर , चिप्स और सेव परमल का एक अलग बैग तैयार हो ही जाता है। खाने में सब्ज़ी-पूरी के अलावा यह चीजें अनिवार्य है ताकि बाहार का खाने से भी बचे रहें और ख़र्चा भी ना हो। 

8. बच्चा 12 साल का ही है। 

8. बच्चा 12 साल का ही है। 
via

"अरे मैडम इतने बड़े बच्चे को 12 साल का बोल रही हो" जवाब आता है "भैया टिकिट तो नहीं दूंगी आप कहो तो गोद में बैठा लेती हूँ" यह बहुत ही आम सी बातें हैं जो हर भारतीय परिवार आज़माता ही है चाहे 15 साल का बच्चा ही क्यूँ ना हो लेकिन जब तक वह हमारी नज़रों में छोटा दिखता है, टिकिट तो नहीं देंगे। 

SPONSORED