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केरल के नेताओं नें विरोध जताने दर्जनभर कुत्तों को बेरहमी से मार निकाला जुलूस 

क्या धरती पर रहने का अधिकार सिर्फ मनुष्यों को है?

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"पक्षी जगत पर्यावरण का सूचक होता है, अगर यह सुरक्षित नहीं है तो हमें भी समझ जाना चाहिए कि हमारे भी बुरे दिन दूर नहीं हैं।" 

क्या आप कल्पना कर सकते हैं इंसानों को मार कर उनकी लाशें सड़क पर बिछा दी जाए? नहीं ना! तो फिर इन बेज़ुबान जानवरों के साथ इतनी बेरहमी क्यों? यह तय करने वाले हम कौन होते हैं कि धरती सिर्फ मनुष्यों के रहने की जगह है। इस धरती पर हर जीवित चीज़ का उतना ही अधिकार है जितना की मनुष्य प्रजाती का। 

बेज़ुबान जानवरों के साथ दिल दहला देने वाला हादसा हुआ केरल के कोट्टायम शहर में। जहाँ आम लोगों द्वारा कुत्तों को बेरहमी से मारा गया और तब तक मारते रहे, जब तक यह बेज़ुबान जानवर की साँसें चलती रही।आइये जानते हैं आखिर ऐसा क्या हुआ। 

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केरल के इस शहर में कुत्तों को तब तक मारते रहे जब तक वह पूरी तरह मर ना गए

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जब इनसे कारण पुछा गया तो इनका कहना है कि सड़क पर घूमते आवारा कुत्तों से तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया। इस बात की शिकायत प्रशासन से कई बार कर चुके हैं लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली।

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