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फिल्म 'पिंक' की हीरोइन तापसी पन्नू के लिए यह खत सुना रहा है हर लड़की की कहानी 

हमारे संस्कार हमे चुप रहना नहीं सिखाते। 

फिल्म 'पिंक' की हीरोइन तापसी पन्नू के लिए यह खत सुना रहा है हर लड़की की कहानी 
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"रॉक शो में है तो हिंट है और मंदिर या लाइब्रेरी में हैं तो हिंट नहीं है? वैन्यू डिसाइड करता है कैरेक्टर"

आप भी मेरी इस बात से सहमत होंगे कि भले ही PINK मूवी का प्लान आपने किसी वीकेंड पर टाइमपास के तौर पर बनाया हो। लेकिन सिनेमा घर के अंदर जाने से पहले और बाहर निकलने के बाद अपनी सोच में कोई बदलाव तो ज़रूर महसूस किया होगा। वह बदलाव जो हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जो हमारी आज की तस्वीर भी बताता है और यह भी बताता है कि समाज किसी भी लड़की का किरदार किन मापदंडो पर जाँचता है। बदलाव बेशक ज़रूरी है लेकिन हम लड़कियों को भी समझने की ज़रूरत है, हमें भी अपने अधिकार के लिए उठना होगा, आगे बढ़ना होगा और सही ग़लत में फैसला करना होगा। 

इन्ही बातों से प्रभावित होकर Shristhi Mitra ने लिखा तापसी पन्नू को लेटर जो की हो रहा है वायरल। 

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मेरे कैरेक्टर के लिए है मापदंड 

मेरे कैरेक्टर के लिए है मापदंड 

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जिन्हें सीख लेनी चाहिए उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता 

कैसे लूँ सही और ग़लत का फैसला?

अगर सही भी हूँ तो चुप्पी क्यों?

अगर सही भी हूँ तो चुप्पी क्यों?

हमारे संस्कार हमे यह नहीं सिखाते कि हम चुप्पी साध लें। जीवन में वह पड़ाव आता ही है जब सही और ग़लत का फैसला लेना होता है और उस वक़्त ज़रूरत होती है समझ की। जो इस मूवी के माध्यम से कई औरतों में जागी है। 

मैं ख़ामोश नहीं रह सकती 

मैं ख़ामोश नहीं रह सकती 

हमें बचपन से ही सिखाया जाता है ख़ामोश रहने के लिए , हमें अपना मुँह बंद रखना है। चाहे हम सही हों या ग़लत, लेकिन बोलने का अधिकार नहीं होता।

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मैं सही हूँ और वो ग़लत 

मैं सही हूँ और वो ग़लत 

बड़ी हिम्मत चाहिए होती है ऐसा कहने में कि "हम सही हैं", तापसी के लिए शायद यह सिर्फ एक रोल रहा हो लेकिन एक आम सी लड़की को कई बातें सिखा गई यह मूवी। लड़कियों को मज़बूत बनना सिखाया है, अपने हक़ के लिए लड़ना, बोल पाना सिखाया है। 

A Proud women 

A Proud women 

इस मूवी ने देश भर में काफी लड़कियों के जीवन को प्रभावित किया है और समाज के उस पहलु पर नज़र डाली है, जिसे बदलाव की वाक़ई ज़रूरत है। इस लेटर के अंत में यह साबित हो गया कि हमें गर्व है खुदपर। 

हम आज़ाद हैं

हम आज़ाद हैं
via

वायरल हो रहे इस लेटर ने यह साबित कर दिया कि बदलाव की एक किरण उजागर ज़रूर हुई है अब देखना यह है कि समाज में और क्या-क्या सकारात्मक चीजें नज़र आएंगी। आप भी ज़रूर पढ़ें और शेयर करें। 

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