Global Handwashing Day: मध्यप्रदेश में एक साथ 12 लाख 76 हजार 425 विद्यार्थी तोड़ेंगे रिकॉर्ड

15 अक्टूबर को मनाया जाएगा Global Handwashing Day.

Global Handwashing Day: मध्यप्रदेश में एक साथ 12 लाख 76 हजार 425 विद्यार्थी तोड़ेंगे रिकॉर्ड
SPONSORED

एक छोटी सी आदत ही हज़ारों बच्चों की मौत के सिलसिले को रोक सकती है। इससे केवल बच्चों में होने वाली कई बीमारियों से ही बचाव नहीं होता बल्कि इससे बच्चों को हम अनजाने ही साफ-सफाई का सन्देश और सीख भी देते चलते हैं। अच्छी बात है कि मध्यप्रदेश जैसे राज्य ने इसमें पहल करते हुए एक ही दिन में एक समय पर एक साथ लाखों बच्चों के हाथ धुलवाने का बड़ा आयोजन किया और इसमें उनके प्रयास को विश्व रिकॉर्ड की तरह शामिल भी किया गया।

पर अब यह जरूरी है कि हम मध्यप्रदेश के रिकॉर्ड से आगे बढ़कर प्रयास करें ताकि बच्चों की दैनिक आदत में इसे ढाला जा सके।

हमारे हाथों में छुपी होती है अनदेखी गंदगी

हमारे हाथों में छुपी होती है अनदेखी गंदगी

हमारे हाथों में अनदेखी गंदगी छिपी होती है, जो किसी भी वस्तु को छूने, उसका उपयोग करने एवं कई तरह के दैनिक कार्यों के कारण होती है। यह गंदगी, बगैर हाथ धोए खाद्य एवं पेय पदार्थों के सेवन से आपके शरीर में जाती है और बीमारियों को जन्म देती है। हाथों की धुलाई के प्रति जागरूकता पैदा करने के मकसद से पूरे विश्व में 15 अक्टूबर को 'ग्लोबल हैण्डवॉशिंग डे' मनाया जाता है।

RELATED STORIES

इस विषय पर अब जागरूकता की आवश्यकता है 

इस विषय पर अब जागरूकता की आवश्यकता है 
via

जी हाँ, बच्चों में एक छोटी सी आदत कि भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोया करें, इसके लिए अब हमें जोर देने की जरूरत है। आँकड़े बताते हैं कि अकेले मध्यप्रदेश में ही हर महीने पाँच साल से कम उम्र के करीब एक हजार से ज्यादा बच्चों की मौतें सिर्फ दस्त, निमोनिया और श्वसन सम्बन्धी संक्रमणों की वजह से हो जाती है। यही आंकड़ा विश्व स्तर पर हर साल 35 लाख बच्चों की असमय मौत के भयावह आँकड़ों में तब्दील हो जाता है।

यह आँकड़े हमें चौंकाते भी हैं और हमारे तमाम प्रयासों को मुँह भी चिढ़ाते नजर आते हैं। मौत के आँकड़ों की इस भयावहता को कम किया जा सकता है इसी छोटी सी युक्ति से। भोजन से पहले और शौच के बाद अच्छी तरह साबुन से हाथ धोने से बीमारियों के संक्रमण का खतरा बहुत हद तक कम किया जा सकता है।

मध्यप्रदेश बनाने जा रहा है रिकॉर्ड 

मध्यप्रदेश बनाने जा रहा है रिकॉर्ड 
via

इस बार हाथ धुलाई जागरूकता अभि‍यान की बड़ी उपलब्धि‍ के रूप में इस वर्ष मध्यप्रदेश में एक साथ 12 लाख 76 हजार 425 विद्यार्थियों द्वारा 'ग्लोबल हैण्डवॉशिंग डे' पर हाथ धोने के कीर्तिमान को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की मान्यता मिल गई है।

51 जिलों के 13 हज़ार 196 अलग-अलग स्थानों के बच्चे होंगे शामिल

51 जिलों के 13 हज़ार 196 अलग-अलग स्थानों के बच्चे होंगे शामिल
via

इसमें मध्यप्रदेश के 51 जिलों के 13 हजार 196 अलग-अलग स्थानों में हाथ धोने का कार्यक्रम आयोजित होंगे। इससे पहले हाथ धोने का यह विश्व रिकॉर्ड अर्जेंटीना, पेरू और मेक्सि‍को के नाम दर्ज हुआ था।

समाज को जागरूक करना ही मकसद 

समाज को जागरूक करना ही मकसद 
via

बचपन में स्कूल में सिखाया जाता था, कि खाना खाने के पहले हाथ धोना चाहिए। इसके अलावा साफ-सफाई से जुड़ी बहुत सी बातें बताई जाती थी। धीरे-धीरे यह बातें हमारी अच्छी आदतों में शामिल हो गई, लेकिन दुनियाभर में कई लोग आज भी इनके प्रति जागरूक नहीं हैं। 'ग्लोबल हैण्डवॉशिंग डे' का उद्देश्य इसी जागरूकता को समाज तक पहुंचाना है।

आंगनबाड़ी एवं सरकारी स्कूलों में किया जाता है आयोजन 

आंगनबाड़ी एवं सरकारी स्कूलों में किया जाता है आयोजन 
via

इस दिन खास तौर पर सरकारी स्कूलों एवं कार्यालयों में हाथ धोने से होने वाले लाभ एवं न धोने से होने वाले नुकसान को बताने के लिए विभिन्न आयोजन किए जाते हैं। आंगनबाड़ी एवं सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के पूर्व बच्चों को हाथ धोने के प्रति शिक्ष‍ित और जागरूक किया जाता है, ताकि‍ वे इसे अपनी आदत बनाएं।

यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए एक उपाय है

यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए एक उपाय है
via

दरअसल यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का ही एक हिस्सा है। क्योंकि हाथ की धुलाई से बीमारियों से बचा जा सकता है। यह बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक अच्छी पहल है। हर व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य के लिए इन छोटी-छोटी बातों के प्रति सजग होना चाहिए। ताकि हम एक स्वस्थ्य समाज का निर्माण कर सकें।