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इस चमत्कारी हनुमान मंदिर के पास आते ही अपने आप कम हो जाती है ट्रेन की स्पीड 

जाने क्या है इस चमत्कारी मंदिर का राज़ 

इस चमत्कारी हनुमान मंदिर के पास आते ही अपने आप कम हो जाती है ट्रेन की स्पीड 
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श्री सिद्धविर खेड़ापति हनुमान मंदिर 

श्री सिद्धविर खेड़ापति हनुमान मंदिर 

श्री सिद्धवीर खेड़ापति हनुमान मंदिर रतलाम-भोपाल रेलवे ट्रेक के बीच बोलाई स्टेशन से करीब 1 कि.मी. दूर है। पुजारी पं. नारायण प्रसाद उपाध्याय बताते है कि ये मंदिर करीब 600 साल पुराना है।

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हनुमान जी की बाई बाजू पर सिद्धि विनायक गणेश विराजित है 

हनुमान जी की बाई बाजू पर सिद्धि विनायक गणेश विराजित है 
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इस हनुमान प्रतिमा के बाएं बाजू पर श्री सिद्धि विनायक गणेशजी विराजित हैं। एक ही प्रतिमा में दोनों भगवान होने से ये प्रतिमा अत्यंत पवित्र, शुभ और फलदायी मानी जाती है।

यहाँ आने वाले लोगों को भविष्य की घटनाओं का पहले ही अंदाज़ा हो जाता है 

यहाँ आने वाले लोगों को भविष्य की घटनाओं का पहले ही अंदाज़ा हो जाता है 
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यहाँ ये मान्यता है कि यहां आने वाले लोगों को भविष्य की घटनाओं का पहले ही अंदाज़ा लग जाता है। इस मंदिर से कई चमत्कार जुड़े हुए हैं।

अपने आप कम हो जाती है ट्रेन की रफ़्तार 

अपने आप कम हो जाती है ट्रेन की रफ़्तार 
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मंदिर का सबसे बड़ा चमत्कार तो यह है कि यहाँ से गुजरने वाली ट्रेन की रफ़्तार अपने आप कम हो जाती है। 

कोई पायलेट से ट्रेन धीमे करने को कहता है 

कोई पायलेट से ट्रेन धीमे करने को कहता है 
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मंदिर के पुजारी बताते हैं कि ट्रेन के लोको पायलट ने उन्हें बताया है कि मंदिर आने के पहले ही अचानक उन्हें ऐसा लगता है मानो कोई उनसे ट्रेन की स्पीड कम करने के लिए कह रहा हो।

कुछ समय पहले हुआ था हादसा 

कुछ समय पहले हुआ था हादसा 
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यदि कोई ड्राइवर इसे नज़रअंदाज करता है तो अपने आप ही ट्रेन की स्पीड कम हो जाती है। पुजारी बताते हैं कि कुछ समय पहले रेलवे ट्रेक पर दो मालगाड़ी टकरा गई थी। बाद में दोनों गाड़ियों के लोको पायलट ने बताया था कि उन्हें घटना के कुछ देर पहले अनहोनी का एहसास हुआ था।

पायलेट ने स्पीड कम नहीं की, इसलिए हुई थी टक्कर 

पायलेट ने स्पीड कम नहीं की, इसलिए हुई थी टक्कर 
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उन्हें ऐसा लगा था मानो कोई ट्रेन की रफ्तार कम करने के लिए कह रहा था। उन्होंने स्पीड कम नहीं की इस कारण आमने-सामने की टक्कर हो गई ।

शनिवार मंगलवार बुधवार को रहता है भक्तों का ताँता 

शनिवार मंगलवार बुधवार को रहता है भक्तों का ताँता 
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मंदिर की एक अन्य मान्यता ये है कि यहाँ भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां हर शनिवार, मंगलवार और बुधवार को दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।

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