आमिर खान की दंगल गर्ल गीता फोगट, बनी हरियाणा पुलिस में डीएसपी 

दंगल गर्ल का दंगल अब याद आया हरियाणा सरकार को 

आमिर खान की दंगल गर्ल गीता फोगट, बनी हरियाणा पुलिस में डीएसपी 
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मुझे याद आ रहा है एक बार मैं ट्रेन में सफर कर रहा था और मेरे पास वाली सिट पर एक अंतराष्ट्रीय स्तर का ख़िलाड़ी बैठा हुआ था।ऐसे ही बातें आगे चली तो वह ख़िलाड़ी अपनी उपलब्धियाँ गिनावाने लगा, तभी पास बैठे एक सज्जन उनसे पूछ बैठे "आप पर कोई फिल्म बनी है"? ख़िलाड़ी ने मना कर दिया।बस फिर क्या था सज्जन ने तिरछा मुहँ बनाया और कहा "अगर आप पर फ़िल्म नहीं बनी तो आप क्या खाक बड़े ख़िलाड़ी हो"। 

इस बायोपिक फिल्म के चलन में आने के बाद हमारी मानसिकता ऐसी हो गई है कि जिस पर फिल्म नहीं बनी, वह बड़ा ख़िलाड़ी नहीं या महान इंसान नहीं है। ज़रा घर से निकलों जनाब फिल्मों में हीरो मिलते हैं मगर असल जिंदगी में सुपर हीरो मिलते हैं।       

दंगल की कहानी 

दंगल की कहानी 

आमिर खान कुछ भी करते हों, मगर करते कमाल हैं। हाल ही में वे एक मूवी ले कर आ रहे हैं "दंगल" जिसमें वे हरियाणा के बलाली गाँव के कुश्ती कौच महाबीर बने हुए हैं।यह कहानी महाबीर और उनकी रेसलर बेटियों की है।    

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आज से पहले कभी नाम सुना था गीता फोगट का नाम? 

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दंगल फिल्म की चर्चा से पहले क्या आपने गीता फोगट का नाम सुना था या आपको यह नाम याद था।मुझे आपका नहीं पता मगर अगर मैं अपनी बात करूँ तो मैंने पहले यह नाम भी नहीं सुना था।और जब यह नाम सुना और गूगल किया तो एक तरफ शर्म भी आ रही थी और इनके बारे में पढ़ कर गर्व भी हो रहा था।    

पहली बार महिला कुश्ती को सोने का स्वाद चखाया था 

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जी हाँ गीता फोगट वह नाम है जिसने पहली बार भारतीय महिला कुश्ती को सोने का स्वाद चखाया था। 6 साल पहले दिल्ली में हुआ कॉमनवेल्थ गेम्स, घोटालों के लिए तो सबको याद है। मगर क्या किसी को यह याद है। इसी कॉमन वेल्थ गेम्स में गीता ने 55 किलों वज़न की कैटेगरि में विश्व भर की पहलवानों को पटकनी दे कर देश के लिए सोना जीता था।    

बन चुकी है हरियाणा पुलिस में डीएसपी 

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गीता फोगट की पदोन्नति कर दी गई है अब उन्हें इंस्पेक्टर से डीएसपी बना दिया गया है। दरअसल खेलो की राजधानी हरियाणा ने एक बहुत ही खुबसूरत सा निमय लागू किया है।इसके अनतर्गत जो ख़िलाड़ी देश के लिए सोना ले कर आता है उसे सीधे पुलिस महकमे में डीएसपी के पद पर भर्ती किया जाता है। 2010 में ऐसे 6 ख़िलाड़ीयों की सूचि तैयार की गई थी जिनमें से एक गीता भी थी।   

अपना हक़ पाने के लिए भी लड़ना पड़ा 

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रेसलर गीता की जिंदगी भी किसी दंगल से कम नहीं है।पहले अपने सम्मान के लिए लड़ी, फिर देश के अभिमान के लिए लड़ी और फिर अपना हक़ पाने के लिए कानून की मदद से, सरकार से लड़ी। जिन 6 खिलाड़ियों की सूचि बनी थी उसमें गीता का नाम पहले नंबर पर था फिर भी उन्हें इंस्पेक्टर पद पर नियुक्त किया गया।    

लेना पड़ी हाईकोर्ट की मदद 

लेना पड़ी हाईकोर्ट की मदद 
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गीता ने बहुत कोशिश की अधिकारियों से मिली सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटे मगर किसी ने नहीं सुनी।सोचो जब एक राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए गोल्ड जीतने वाली महिला की बात नहीं सुनी जाती, तो ऐसे में आम जनता की बात कैसे सुनी जाएगी? मजबूरन गीता हो हरियाणा हाईकोर्ट में गुहार लगानी पड़ी।   

हाई कोर्ट के आदेश के बाद खुली केंद्र सरकार की नींद 

हाई कोर्ट के आदेश के बाद खुली केंद्र सरकार की नींद 
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब सरकार नींद से उठी और मुख्यमंत्री साहब ने कैबिनेट स्तर की बैठक ली और फिर कैबिनेट ने गीता को डीएसपी के पद पर नियुक्त कर दिया। 

यह है गीता का ऑफस्क्रीन परिवार 

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फिल्म दंगल में गीता के पिता और उनके संघर्ष के बारे में तो सब जान जायंगे मगर आज मेरे पास आपके और मेरे लिए एक टास्क है।क्यों ना हम उन लोगों के बारे में पता करने की कोशिश करें जिन पर अब तक कोई फिल्म या बुक नहीं लिखी गई हो।यह किसी इंसान की नहीं आखिर देश के सम्मान की बात है।