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63 सालों से रेत खा रही इस महिला ने इंटरव्यू में दिए ऐसे रोचक जवाब, जानकर हैरान रह जाएंगे आप 

आखिर कोई 63 सालों तक बालू खाने के बाद भी कैसे इतना स्वस्थ रह सकता है?

63 सालों से रेत खा रही इस महिला ने इंटरव्यू में दिए ऐसे रोचक जवाब, जानकर हैरान रह जाएंगे आप 
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बालू 

बालू 

चट्टानों और कई धात्विक साधनों से टूट कर कणों के रूप में बालू बनती हैI बालू में भूख मिटाने लायक कुछ नहीं होता और यदि इसे खा लिया जाए तो पचाना आम इंसान के बस का नही हैI

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दैनिक भास्कर के पत्रकारों ने पूछे कुछ सवाल

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सवाल: आप इतना बालू कब और कैसे खाती हैं?

जवाब: 15 साल की उम्र में बीमार पड़ी थी जिससे मेरा पेट फूलने लगा था, जिस पर गांव के एक वैद्य ने नाड़ी देख कर कहा कि दूध और 2 चम्मच बालू खाओI तभी से बालू खाने की आदत पड़ीI

सवाल: जिस दिन आप नही खाती हैं उस दिन क्या होता है?

जवाब: बालू न खाने पर पेट में दर्द होता है और रात को नींद नही आतीI

आगे हुए और भी सवाल 

आगे हुए और भी सवाल 
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सवाल: बालू का टेस्ट कैसा लगता है?

जवाब: चीनी की तरह मीठाI

सवाल: रोज कितना बालू खाती हैं आप?

जवाब: एक किलो बालू रोज खाती हूँ। 



बालू के अलावा नहीं लगता कुछ और अच्छा

बालू के अलावा नहीं लगता कुछ और अच्छा
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इन्हें बालू के अलावा कुछ और ज्यादा अच्छा नहीं लगता लेकिन सादा भोजन खा लेती हैं, जैसे दाल-चावल, सब्जी-रोटीI

घर के बच्चे ही ला कर देते हैं बालू

घर के बच्चे ही ला कर देते हैं बालू
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घर के बच्चे ही बालू खरीदकर देते हैं इन्हें, इनके लड़कों का कहना है कि यदि माँ को बालू न दो तो वो बीमार पड़ जाती हैं और फिर बालू खाकर इतना जीवन काट दिया और अभी भी स्वस्थ हैं तो बालू खाने से क्यों रोकूँ इन्हें। 

एनर्जी मिलती है बालू से

एनर्जी मिलती है बालू से
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बड़े बेटे राजेश ने बताया की बालू से मानो माँ को एनर्जी मिलती हैI बालू खाने के बाद कुस्मावती खेतों में काम भी करती हैंI

डॉक्टर क्या कहते हैं

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डॉक्टर्स ने बताया की यह एक साईकाईट्रिक बीमारी है, ज्यादातर लोग इस बीमारी में ऐसी आदत बना लेते हैं। कई महिलाएं तो मिट्टी के बर्तन और बालों को भी खाती हैंI

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क्या यह कुस्मावती का केवल एक मानसिक वहम है या फिर वास्तव में रेत खाने से रहती हैं वे स्वस्थ्य? क्या है आपकी राय?