SPONSORED

तो यह ख़ास तकनीक का इस्तेमाल करते हैं नरेंद्र मोदी अपना भाषण देते समय...

मोदी जी करते हैं इस पद्धति का इस्तेमाल। 

तो यह ख़ास तकनीक का इस्तेमाल करते हैं नरेंद्र मोदी अपना भाषण देते समय...
SPONSORED

जब भी चुनाव का माहौल बनता है घर में अक्सर पापा टीवी के सामने बैठ जाते हैं। जैसे ही पिताजी नीरस चुनावी भाषण को सुनना शुरू करते हैं मैं अपना रास्ता नाँप लेती हूँ।ऐसा बिलकुल नहीं है कि मैं एक ग़ैर-ज़िम्मेदार नागरिक हूँ लेकिन हमेशा एक जैसे भाषण सुनने का मन भी नहीं होता।
ख़ैर मोबाइलों और तकनिकी गैजेट्स की दुनिया में रहने वाली मेरी जैसी जनरेशन को तकनीक का इस्तेमाल होते देख  बहुत मज़ा आता है। यही वजह रही कि इस बार मैंने भी अपनी तवज्जो, मोदी जी के भाषण की ओर कर ली। एक तो यह की डिजिटल स्पीच पहली बार सुनने को मिला और दूसरा यह की मोदी जी वाक़ई एक अच्छे वक्ता हैं।

आइये जानते हैं क्या ख़ास बात है मोदी जी के भाषण में।  

SPONSORED

मोदी जी पोडियम पर रखे कागज़ की ओर नहीं देखते 

मोदी जी पोडियम पर रखे कागज़ की ओर नहीं देखते 

यदि आप भी उन ख़ास लोगों में से हैं जिन्हें आगे की कुछ पंक्तियों में खड़े रहकर, मोदी जी का भाषण सुनने का मौका मिला है। आपने भी ध्यान दिया होगा की मोदी जी भाषण देते समय, पोडियम की ओर नहीं देखते। 

RELATED STORIES

मोदी जी है एक अच्छे वक्ता 

मोदी जी है एक अच्छे वक्ता 
via

 एक अच्छे वक्ता की ख़ासियत यही होती है कि वह अपने श्रोताओं पर केंद्रित होकर भाषण देता है।इतने लंबे भाषण को याद रख पाना कोई आसान बात नहीं होती। आइये जानते हैं किस तकनीक का उपयोग करते हैं मोदी जी। 

मोदी जी करते है टेलिप्रॉम्पटर का उपयोग 

मोदी जी करते है टेलिप्रॉम्पटर का उपयोग 
via

मोदी जी अपना भाषण देते समय टेलिप्रॉम्पटर का इस्तेमाल करते हैं। टेलिप्रॉम्पटर, वक्ता की आसानी के लिए बनाया गया यंत्र है।इस यंत्र का इस्तेमाल करने से वक्ता अपना लिखा हुआ भाषण, सामने लगी छोटी काँच की स्क्रीन पर देख सकता है। 

टेलिप्रॉम्पटर किस तरह करता है काम?

टेलिप्रॉम्पटर किस तरह करता है काम?

"टेलिप्रॉम्पटर" सिर्फ वक्ता को दिखाई देता है।सामने बैठी ऑडियंस को ऐसा लगता है मानो काँच लगे हों।  टेलिप्रॉम्पटर पर अक्षर उभर आते हैं और आसानी से पढ़े जा सकते हैं। तस्वीर में आप देख सकते होंगे किस प्रकार होता है "टेलिप्रॉम्पटर"। 

SPONSORED

मोदीजी ने ही की थी डिजिटल स्पीच की शुरुआत 

मोदीजी ने ही की थी डिजिटल स्पीच की शुरुआत 
via

यह एक अच्छी बात है कि मोदी जी अपने भाषणों के द्वारा नई तकनीक लेकर आए हैं। चुनाव में नई-नई तकनिकी पद्धति की शुरुआत भी मोदी जी के द्वारा ही की गई है। निःसंदेह यह एक अच्छी पहल है।  

टेलिप्रॉम्पटर का इस्तेमाल सभी करते हैं  

टेलिप्रॉम्पटर का इस्तेमाल सभी करते हैं  
via

ऐसा नहीं है कि इस तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ मोदीजी ही करते हैं। कई नामचीन लोग अपना भाषण देते समय टेलिप्रॉम्पटर का इस्तेमाल करते हैं। तस्वीर में आप देख सकते है किस प्रकार बराक ओबामा के सामने भी टेलिप्रॉम्पटर लगा हुआ है। 

भारत और आगे बड़े, तकनीक के क्षेत्र में 

भारत और आगे बड़े, तकनीक के क्षेत्र में 
via

इसमें कोई दो राय नहीं के नरेंद्र मोदी, टेलिप्रॉम्पटर का उपयोग किये बिना भी बहुत अच्छे वक्ता हैं। लेकिन तकनीक का इस्तेमाल करने में हर्ज क्या है। हर भारतीय यही चाहता है कि भारत तकनीक के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बड़े। जय-हिन्द, जय-भारत! 

SPONSORED

क्या भारतीय तकनीक के क्षेत्र में आगे बड़ रहे हैं?

-->