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आज ही एल्युमिनियम फॉयल को 'ना' कहें, वर्ना भुगतने पड़ेंगे गंभीर परिणाम

एल्युमिनिम फॉयल से होते हैं ये नुकसान। 

आज ही एल्युमिनियम फॉयल को 'ना' कहें, वर्ना भुगतने पड़ेंगे गंभीर परिणाम
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सुबह-सुबह घर से निकलो तो माँ बड़े प्यार से खाना बनाकर उसे लंबे समय तक ताज़ा रखने के लिए गरम-गरम ही एल्युमीनियम फॉयल में पैक कर दे देती है। कितना ख्याल रखती है न मेरी माँ? हाँ मुझे पता है आपकी माँ भी आपका बहुत ख्याल रखती है, सबकी माँ ही रखती है। ये प्यार-व्यार तो ठीक है पर एल्युमिनियम फॉयल में गरम खाना पैक करके देना बहुत गलत है।

इसके अलावा एल्युमिनियम फॉयल में खाना बेक और ग्रिल्ड भी किया जाता है, जो कई गंभीर बीमारियों को दावत देता है। आइए जानते हैं कितना नुकसानदायक है एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करना। 

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बहुत उपयोगी धातु है एल्युमिनियम 

बहुत उपयोगी धातु है एल्युमिनियम 

एल्युमिनियम का इस्तेमाल परिवहन के क्षेत्र में किया जाता है। इसकी सहायता से ट्रक्स, एयरक्राफ्ट्स, स्पेसक्राफ्ट, शीट्स, ट्यूब्स, बर्तन आदि बनाए जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी खसियत यह है कि इसमें जल्दी जंग नहीं लगता है। इस वजह से ही यह इतनी उपयोगी धातु है।

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एल्युमिनियम होता ही है शरीर में

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हमारे शरीर में अन्य धातुओं की तरह ही एल्युमीनियम भी कुछ मात्रा में होता है। ये हमें मक्का, येलो चीज़, चाय, मसालों आदि से मिलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 60 किलोग्राम वजन का व्यक्ति 2400 मिलीग्राम एल्युमिनियम की मात्रा ग्रहण कर सकता है।

बर्तन भी होते हैं इस्तेमाल

बर्तन भी होते हैं इस्तेमाल
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एल्युमिनियम की कीमत कम होने की वजह से इसका इस्तेमाल बर्तन बनाने में भी किया जाता है। इसके बर्तनों में खाना पकाना इतना नुकसानदेय नहीं होता है क्योकि एल्युमिनियम का ऑक्सीकरण हो जाने के कारण उस पर एक लेयर बन जाती है, जिससे खाना एल्युमिनियम से सीधे संपर्क में नहीं आती है।

एल्युमिनियम फॉयल से है खतरा

एल्युमिनियम फॉयल से है खतरा
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एल्युमिनियम फॉयल के इस्तेमाल को लेकर कई तरह के शोध किए गए हैं। जिनमें यही परिणाम सामने आए हैं कि खाना पकाने या गरम खाना पैक करने में एल्युमीनियम फॉयल का इस्तेमाल हानिकारक होता है। यह इसलिए कि एल्युमिनियम फॉयल डिस्पोजेबल होती है, और उसमे कोई लेयर नहीं बन पाती जिससे धातु खाने के संपर्क में आती है।

घुल जाता है एल्युमीनियम खाने में

घुल जाता है एल्युमीनियम खाने में
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एल्युमीनियम फॉयल में खाना पकाने या गरम खाना रखने से इसके कण खाने में मिल जाते है। जो अंततः हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं, और शरीर में एल्युमीनियम की मात्रा निर्धारित मात्रा से अधिक हो जाती है।

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ज्यादा तापमान में ज्यादा खतरा

ज्यादा तापमान में ज्यादा खतरा
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ज्यादा मसालेदार खाने में एल्युमिनियम ज्यादा मात्रा में मिलता है। साथ ही अम्लीय और तरल पदार्थ जैसे निम्बू, टमाटर का जूस आदि में भी एल्युमिनियम ज्यादा रिएक्शन करता है। साथ ही ठन्डे खाने के बजाए अधिक तापमान वाले खाने में एल्युमिनियम ज्यादा मात्रा में घुलता है।

हो सकता है अल्ज़ाइमर

हो सकता है अल्ज़ाइमर
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शरीर में एल्युमिनियम की अधिक मात्रा होने से दिमाग के ऊतकों को खासा नुक़सान होता है, जो अल्ज़ाइमर जैसी गंभीर बीमारी को जन्म देता है।

हड्डी रोगों को भी मिलता है बढ़ावा

हड्डी रोगों को भी मिलता है बढ़ावा
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एल्युमिनियम की ज्यादा मात्रा से हड्डी रोग और गुर्दे सम्बंधित रोग भी उत्पन्न होते हैं। इसके अलावा इसके उपभोग से अन्य कई बीमारियां भी उत्पन्न होती है।

एल्युमिनियम फॉयल को कहें ना

एल्युमिनियम फॉयल को कहें ना
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इतना सब जान लेने के बाद यही बेहतर है कि आप इसके इस्तेमाल से पहले विचार करें। बेहतर है कि खाना बनाने में एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करने से बेहतर है कांच के बर्तन या चीनी के बर्तनों का प्रयोग करें। साथ ही एल्युमिनियम फॉयल में गर्म खाना पैक भी ना करें।

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क्या आप भी अपने घर में खाना पैक करने के लिए एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करते हैं?