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इस अनोखे गाँव में हर घर से एक पुरुष है कुक, जानिए कहाँ बसा है 'Village Of Cooks' 

आप भी इस क्षेत्र के बारे में जानकर रह जाएंगे दंग!

इस अनोखे गाँव में हर घर से एक पुरुष है कुक, जानिए कहाँ बसा है 'Village Of Cooks' 
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लगभग हर घर में रसोई की कमान औरतों के हाथ में ही होती है।लेकिन मुझे इस बात का पूरा यक़ीन है कि आप मेरी इस बात से भी इत्तेफाक रखेंगे कि पुरुष बहुत ही अच्छा खाना बनाते हैं। अधिकतर शेफ्स तो पुरुष ही होते हैं, और शादी पार्टी जैसे आयोजनों में भी पुरुष हलवाई ही ज़्यादा होते हैं। वैसे ये सब बातें तो सभी को पता होंगी, लेकिन मैं जो बात बताने जा रही हूँ, उससे आप अब तक अनजान होंगे।
आपने कभी किसी ऐसी जगह का नाम सुना है जहाँ लगभग सभी पुरुष कुक हों? नहीं सुना ना। पर असल में ऐसी एक जगह है, वो भी हमारे भारत में। तो आइए करीब से जानते हैं उस जगह के बारे में। 

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कलायुर

कलायुर

कलायुर एक छोटा सा गाँव है जो उत्तर भारत के तमिलनाडु में स्तिथि है। यह पॉन्डिचेरी से 30 किलोमीटर दूर है और यहाँ लगभग 80 घर होंगे।

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विलेज ऑफ़ कुक्स

विलेज ऑफ़ कुक्स
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इस गाँव को 'विलेज ऑफ़ कुक्स' कहा जाता है, क्योंकि यहाँ लगभग हर घर से एक पुरुष कुक है। यहाँ अब परम्परा बन चुकी है, और यह सिलसिला तीन पीढ़ियों से चला आ रहा है। यहाँ कम से कम 200 कुक्स तो होंगे ही।

कुछ यूँ शुरू हुआ सिलसिला

कुछ यूँ शुरू हुआ सिलसिला
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यह परम्परा 500 साल पुरानी है। उस समय पास के नगरों के रईस रेड्डी गाँव के वनियर को दावतों में खाना बनाने बुलाते थे। यह वनियर मुख्य रूप से धोबी हुआ करते थे। रेड्डियों को इनका खाना बनाने का तरीका पसंद आने लगा और वह इन्हें व्यवसायिक तौर पर बुलाने लगे। तभी से यह सिलसिला शुरू हो गया।

10,000 लोगों का खाना बना लेते हैं आसानी से

10,000 लोगों का खाना बना लेते हैं आसानी से
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यह कुक एक बार में 2000 से 10,000 लोगों का खाना बना लेते हैं। इतना ही नहीं 1000 लोगों का खाना तो मात्र 3 घंटों में बना देते हैं। 500 लोगों की दावत में यह खाना बनाने और परोसने के 3,000 रुपये लेते हैं।

10 साल लगते है, सीनियर कुक बनने में

10 साल लगते है, सीनियर कुक बनने में


यहाँ काम करने वाले कुक कोई प्रोफेशनल कैटरिंग ट्रेनिंग नहीं लेते हैं।नए कुक्स को पहले सब्जी काटने और चूल्हा लगाने जैसे काम करने होते हैं। वरिष्ठ कुक्स उन्हें धीरे-धीरे सारे काम सिखाते हैं। उन्हें सीनियर कुक बनने में 10 साल लग जाते हैं। जिसके बाद वह व्यक्ति खुद की 50 लोगों की टीम बना सकता है।

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15 दिन होते हैं घर पर

15 दिन होते हैं घर पर
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कलायुर में मुख्य रूप से धान की खेती की जाती है। यहाँ लोग 15 दिन कुकिंग का काम करते हैं और बाकी 15 दिन धान की खेती करते हैं। लेकिन उनका मुख्य व्यवसाय कुकिंग ही है।

होती हैं एडवांस बुकिंग

होती हैं एडवांस बुकिंग
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यह लोग प्रॉफिट कमाने पर ज़्यादा ध्यान नहीं देते । साल के 6 महीने ये बहुत ज़्यादा व्यस्त रहते हैं। आसपास के नगरों और गाँवों में भी इनका इतना बोलबाला है कि लोगों को 6 महीने पहले से कॉन्ट्रैक्ट लेना पड़ता है।

टीम वर्क हैं इनकी सफलता का राज़ 

टीम वर्क हैं इनकी सफलता का राज़ 
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अगर आप इनमें से किसी भी कुक से पूछेंगे कि उनकी बनाई कौनसी डिश सबसे ज़्यादा पसंद की जाती है। तो वे कोई जवाब नहीं दे पाएंगे। क्योंकि यहाँ कोई भी किसी एक डिश का विशेषज्ञ नहीं है। यहाँ सब मिल जुलकर डेडलाइन से पहले सबकुछ बनाने का लक्ष्य रखते हैं।

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क्या आपको भी लगता है पुरुष ज़्यादा मज़ेदार खाना बनाते हैं?