इंदौरी चच्चा: भिया यह मोदी जी भी गजब करते हैं, पेले शोचालय बनवाते हैं फिर दस्त लगा देते हैं!       

जाने इस अहम फेसलें के बाद क्या परिवर्तन आये। 

इंदौरी चच्चा: भिया यह मोदी जी भी गजब करते हैं, पेले शोचालय बनवाते हैं फिर दस्त लगा देते हैं!       
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"बुझे-बुझे से रेते हो क्यों ख्याल किसका है, अरे यह तो बता दो घर में माल कितना है।"

भियाओ राम....!!  भिया आज तो गजब का माहोल था बज़ार का मतलब पूरा सन्नाटा। नी...नी..नी... ऐसा नी है कि कोई बाज़ार में था नी बज़ार में थे तो सब पर बोलने की हालत में कोई नी था। ऐसा लग रिया था सबका ससुर मरा पड़ा है और सब मातम में आये हुए हैं। भिया आदो की तो ऐसी हालत थी के उनको काटो तो खून नी निकले। मतलब गजब मोदी जी काला धन बहार से आरिया था तुम तो पहले अन्दर का निकलवा रिये हो।      

चवन्नी छाप लोग भी पांच सो के छुट्टे मांगने लगे 

चवन्नी छाप लोग भी पांच सो के छुट्टे मांगने लगे 

भिया आज सूबे से परेशान कर दिया लोगों ने मतलब जो आये वो चच्चा 500 का खुल्ला करोगे? भिया देश की अर्थ व्यवस्था बदल री है तुम्हारे हालत नहीं तुम चवन्नी छाप के चवन्नी छाप ही रहोगे अब ये बात उनको कौन समझाए। वो तो मज़े लेने में लगा गिए पर भिया ओकात देख के तो मज़े लिया करो।

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पूरी रात फोन बजता रहा 

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भिया अभी उन लोगों की 12 बजी हुई है जिन्होंने सरकारी नोकरी पाने के लिए करोड़ो रूपये की घुस दी होगी। भिया उन ने पता नी कां कांसे जुगाड़ करके पैसे इकट्ठे किये होंगे के एक दो साल में निपटा देंगे मोदी जी ने उनको ही निपटा दिया।    

भिया सबसे जादा तो हालत नेताओं की खराब थी 

भिया सबसे जादा तो हालत नेताओं की खराब थी 

मतलब भिया हमारे मोहल्ले के छोटे चिंटू-पिंटू से भी पुछ्लोगे नी क्यों रे काला धन कां है? तो वो भी पार्षद के घर की तरफ ऊँगली करेंगे। भिया मतलब बच्चे-बच्चे को मालूम है काला धन कां से निकलेगा कल जब उन्हीं नेताओं के बया बिलकुल ऐसे थे जैसे पाकिस्तान आतंक वाद रोकने की मुहीम का समर्थन करता है।   

सोचने वाली बात है 

सोचने वाली बात है 

भिया मजाक अपनी जगे पर सबसे ज्यादा टेंशन मेरको व्यापम वालों की हुई  बिचारो मने जिस पैसे के लिए इतना कुछ झेला उसकी ओकात अब कुछ नी री वाह री दुनिया गजब के खेल हैं तेरे।  

भिया इन सब में सबसे ज्यादा मज़े तो 100 के नोट ले गिया

भिया इन सब में सबसे ज्यादा मज़े तो 100 के नोट ले गिया

मतलब भिया 100 के नोट की हालत परिवार के उस नकारा लौंडे के जैसी हो गई है जिसकी अचानक सरकारी नोकरी लग गई हो भिया बड़े लड़ते रिये छोटा पूरी जागीरी का मलिक हो गिया।

भिया काला धन तो काला धन होता है

भिया काला धन तो काला धन होता है

भिया कल रात को अपन जैसे ही घर गए तुम्हारी चच्ची बड़े प्यार से पानी ले के आई अपन समझ गए ये ज्वालामुखी अचानक सूरजमुखी कैसे बन गई थोड़ी देर बाद पूरी पिक्चर समझ में आई भिया नेताओ के पास इतना धन नी होगा जितना धन उसके पास से निकला। अब कितना निकला ये बता दूंगा तो कल तुम्हारे चच्चा के यां छापा पड़ जाएगा।   

इस फैसले का नुकसान सबसे ज्यादा सरकारी कर्मचारी को हुई 

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भिया अभी उन लोगों की 12 बजी हुई है जिन्होंने सरकारी नोकरी पाने के लिए करोड़ो रूपये की घुस दी होगी। भिया उन ने पता नी कां कांसे जुगाड़ करके पैसे इकट्ठे किये होंगे के एक दो साल में निपटा देंगे मोदी जी ने उनको ही निपटा दिया।    

भिया सबसे बेहतरीन बात 

भिया सबसे बेहतरीन बात 

कल रात को क्या पुलिस वाले मिल गए अब अपन तीन जने रुकवा लिया वैसे तो तुम्हारे चच्चा की झांकी है पार हो सकता है उनको रात में दिखा नहीं होगा। तो भिया बड़ी माथा फोड़ी हुई पर वो नी माना तो अपन ने 500 की पत्ती और एक 100 का नोट उसके हाथ में रख दिया मतलब आप यकीन नी मानोगे उसने 500 की पत्ती वापस कर दी।    

क्या सरकार का यह फैसला सही है?