SPONSORED

तो ये हैं वो शख्स जिन्होंने दिया था मोदी सरकार को 500 और 1000 के नोटों पर बैन लगाने का आईडिया 

मिलते हैं उस इन्सान से जिसने दिया मोदी सरकार को ये अनोखा आईडियाI

तो ये हैं वो शख्स जिन्होंने दिया था मोदी सरकार को 500 और 1000 के नोटों पर बैन लगाने का आईडिया 
SPONSORED

500 और 1000 के नोटों के ऊपर अचानक से इतना बड़ा फैसला किसी भी सरकार ने पहली बार लिया हैI इतना बड़ा फैसला किसी एक इन्सान के सोचने भर का नहीं था, इसमें काफी लम्बी बहस भी हुई होगी और काफी तर्क-वितर्क भी हुए होंगेI वैसे आपको क्या लगता है कि यह आईडिया अकेले मोदी जी का ही है? या फिर आपको लगता है की यह आईडिया मोदी सरकार से किसी ने दिया हैI हम आपको बता दें की ये मोदी जी का आईडिया नहीं है और न ही किसी नेता के मन में ये बात आई, आईये मिलते हैं देश की इकॉनमी को अलग ही द्रष्टि से देखने वाले इस इन्सान से जिसने दिया भारत की इकॉनमी को हिला देने वाला सुझाव 

SPONSORED

अनिल बोकिल

अनिल बोकिल

यही हैं वो जिनके 9 मिनट के भाषण से देश में आया इतना बड़ा बदलावI

RELATED STORIES

अनिल बोकिल अर्थक्रांति संस्थान

अनिल बोकिल अर्थक्रांति संस्थान
via

अनिल बोकिल महाराष्ट्र से हैं और अर्थक्रांति संस्थान के प्रमुख सदस्य हैंI 

ये है उस भाषण की फुटेज 

ये है उस भाषण की फुटेज 
via

अनिल बोकिल ने अपने भाषण में भारत की इकॉनमी के लिए कुछ महत्त्पूर्ण मुद्दों पर आवाज उठाई, जिसको नरेंद्र मोदी ने 2 घंटे तक सुना और विचार विमर्श कियाI

100, 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की कही थी बात

100, 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की कही थी बात

अनिल बोकिल ने अपने भाषण में बड़े मानक के नोटों को सीधे-सीधे बैन करने की बात कही थी, अनिल बोकिल ने तो 100 रूपए के नोटों को भी बैन करने की बात कही थीI

नगदी के लेन-देन को भी बताया था गलत 

नगदी के लेन-देन को भी बताया था गलत 

अनिल बोकिल ने अपने भाषण में नगदी के लेन-देन को भी गलत बताया था, अनिल बोकिल ने चेक और डिमांड ड्राफ्ट को प्राथमिकता देने पर जोर दिया थाI बैंक की देख-रेख में हुए पैसों की लेन-देन से काले धन से निजात पायी जा सकती हैI

SPONSORED

एकल बैंकिंग प्रणाली 

एकल बैंकिंग प्रणाली 
via

अनिल बोकिल ने कहा था की राजस्व संग्रह के लिए एकल बैंकिंग प्रणाली होनी चाहिएI

आखिर क्यूँ कहा अनिल बोकिल ने ऐसा 

आखिर क्यूँ कहा अनिल बोकिल ने ऐसा 

भारत में करीब 2.7 लाख करोड़ का लेन-देन प्रतिदिन होता है, और 800 लाख करोड़ का लेन-देन हर साल, जिसमे से सिर्फ 20% ही बैंक की देख रेख में होता हैI जिसका सीधा मतलब इनकम टैक्स की चोरी से हैI

यह है अनिल बोकिल के 9 मिनट की स्पीच का पूरा वीडियो

SPONSORED

क्या आपको इनका आईडिया अच्छा लगा?