भारत में कई बच्चे होते हैं यौन शोषण के शिकार, माता-पिता अपने बच्चों से यह बातें ज़रूर साझा करें 

यह बातें अपने बच्चों को ज़रूर बताएं। 

भारत में कई बच्चे होते हैं यौन शोषण के शिकार, माता-पिता अपने बच्चों से यह बातें ज़रूर साझा करें 
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कल मेरा बड्डे था। मम्मी पापा, दादू, अंकल, मेरे सारे दोस्त, सब आये थे। मम्मा ने मुझे नई फ्रॉक भी लाके दी। मैं बिलकुल परियों जैसी लग रही थी। सबने मेरी फ्रॉक की बहुत तारीफ की, अंकल को भी मेरी फ्रॉक बहुत पसंद आई। लेकिन फिर अंकल मुझे लेकर गए और मेरी फ्रॉक उतार...
क्या मुझे कुछ और कहने की ज़रूरत है? क्या मुझे वर्णन करना चाहिए कि कोई अंकल उस मासूम बच्ची की फ्रॉक क्यों उतार रहे होंगे।मुझे लगता है हम सब इतने समझदार हैं कि आगे क्या हुआ होगा, अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है। 

क्या आप जानते हैं हमारे देश में 53 प्रतिशत से भी ज़्यादा बच्चे यौन शोषण के शिकार हैं।अंग्रेज़ी में एक टर्म कहा जाता है जिसे हम "Circle Of Trust" कहते हैं।मतलब हम कुछ लोगों के हवाले से इतने निश्चिन्त हो जाते हैं कि, हमारे बच्चों को उनके पास छोड़ने में संकोच नहीं करते।ज़्यादातर बच्चों का शोषण किसी परिचित, दोस्त या रिश्तेदार द्वारा ही किया जाता है। 
आइये जानते हैं कुछ बातें जो माता-पिता को अपने बच्चों को अवश्य सीखाना चाहिए। 

कसी एक व्यक्ति से लगाव बढ़ रहा हो तो ध्यान दें 

कसी एक व्यक्ति से लगाव बढ़ रहा हो तो ध्यान दें 

यदि आपका बच्चा किसी एक व्यक्ति के साथ ज़्यादा घुलने-मिलने लगा हो तो भी आपको सतर्क रहने की ज़रूरत है। बच्चे, मन के भोले होते हैं उन्हें बहलाना-फुसलाना बहुत आसान होता है। यह आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप ध्यान रखें, बच्चों को लालच देकर कोई अपना मतलब पूरा तो नहीं कर रहा। 

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अपने बच्चे की स्वयं देखभाल करें 

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ऐसा अक्सर होता है कि व्यस्तता के चलते आप अपने बच्चों को किसी परिचित के भरोसे छोड़ देते हैं।क्या आपको पता है ज़्यादातर बच्चों का शोषण किसी परिचित के द्वारा ही किया जाता है। अपने बच्चों को किसी के भी पास छोड़ने से बचें । 

किसी को बच्चे के शरीर पर ना छूने दें 

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अपने बच्चे को सिखाए कि वह किसी को भी अपने शरीर के प्राइवेट पार्ट्स को ना छूने दें।यह आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप अपने बच्चे को सिखाएं कि शरीर के अंतरंगी हिस्से क्या हैं और किसी भी व्यक्ति को उन अंतरंगी हिस्सो को ना छूने दें। 

अपने बच्चे को किसी के गोद में ना बैठने दें 

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हो सकता है आपको मेरी सोच बहुत छोटी लग रही हो लेकिन यह सच है।कई लोग अपना असली चेहरा सामने नहीं आने देते। बाद में जब उनका गुनाह सामने आता है तो हमारे पास पछतावा करने के अलावा कुछ नहीं बचता। 

बच्चे किन दोस्तों के साथ, क्या खेलते हैं 

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बच्चों में हर बात को जानने की उत्सुकता होती है। आज कल छोटी उम्र के बच्चे भी मोबाइल के आदी हो चुके हैं, ऐसे में वह अपने दोस्तों के साथ क्या देख रहे हैं, माता-पिता को इसका ध्यान रखना बेहद ज़रूरी हैं।अपने बच्चे की छोटी-छोटी गतिविधियों पर ध्यान दें। 

अगर आपका बच्चा चुप है तो वजह तलाश करें 

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बच्चे हमेशा हस्ते-खेलते ही अच्छे लगते हैं।या यूँ कह लीजिए कि घर की रौनक ही बच्चों से होती है।अगर आपका बच्चा डरा-डरा, गुम- सुम रहने लगे तो यह आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप इसकी वजह तलाश करें। 

अपने बच्चे को विचार प्रकट करने दें 

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ऐसा अक्सर देखा गया है कि यदि बच्चा किसी विशेष व्यक्ति के बारे में कुछ ग़लत बोल देता है तो वही पर उसे डांटकर चुप कर दिया जाता है। यह माता पिता के लिए जानना ज़रूरी है कि फरिश्तों सा मासूम बच्चा ऐसा क्यों कह रहा है। बच्चे को डांटने की बजाए, उससे समझदारी से पेश आएं। 

क्या आपको लगता है कि स्कूल की शिक्षा में यह बातें भी सीखानी चाहिए?