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भारत में ही कभी महिलाओं को खुले रखने होते थे स्तन, वरना राजा वसूलते थे 'ब्रैस्ट टैक्स'

यह कैसा नियम था हमारे अपने देश में। 

भारत में ही कभी महिलाओं को खुले रखने होते थे स्तन, वरना राजा वसूलते थे 'ब्रैस्ट टैक्स'
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कुछ ऐसा होता था यहाँ का आलम 

कुछ ऐसा होता था यहाँ का आलम 

सरकार के द्वारा लोगों से कई सर्विसेज़ के लिए टैक्स की वसूली की जाती है। कुछ इसी तरह किसी  महिलाओं पर यह अजीबोगरीब टैक्स लगाया जाता था।

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खुले रखो ब्रैस्ट या फिर भरना होता था टैक्स

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इस नियम के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को अपने स्तन ढंकने की इजाज़त नहीं थी और उन्हें मजबूरन सभी के सामने अपने स्तनों को खुला रखना पड़ता था। अगर कोई महिला ऐसा नहीं करती थी तो इसके लिए उसे टैक्स देना होता था।

टैक्स ना हो तो ऐसी खौफनाक होती थी सजा

टैक्स ना हो तो ऐसी खौफनाक होती थी सजा

बताते चले कि यह समय था 19 वीं सदी का और इस समय केरल स्थित त्रवणकोर के राजा इस टैक्स की वसूली करते थे। नियम के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को अपने स्तनों को खुला रखना होता था और यदि कोई महिला ऐसा करने से चूक जाए तो उसे अपने स्तनों के आकार के अनुसार टैक्स चुकाना पड़ता था।

अंधेर नगरी चौपट राजा

अंधेर नगरी चौपट राजा

कहा जाता है कि यह वह समय था जब या तो महिला अपने स्तनों को खुला रखे या फिर टैक्स भरे और ऐसा कुछ भी नहीं किया जाए तो उसके स्तनों को कटवा दिया जाए। अचरज की बात तो यह है कि ऐसा करने पर किसी पुरुष के द्वारा इसका विरोध किए जाने की बात कभी सामने नहीं आई। 

प्रताड़ना भी थी शामिल

प्रताड़ना भी थी शामिल

ब्रेस्ट पर टैक्स को एक तरह से प्रताड़ना ही कहा जा सकता है। परंतु इसके अलावा भी ब्रैस्ट ढंकने के जुर्म पर महिलाओं को अलग-अलग तरह से प्रताड़ित किया जाता था। 

ब्रेस्ट का काटना 

ब्रेस्ट का काटना 

कहा जाता है जब भी कोई महिला इस नियम का पालन नहीं कर पाती थी और टैक्स चुकाने में भी असमर्थ रहती थी। उसके स्तनों को कुछ इस तरह काटा जाता था कि इस दौरान उस महिला को एक असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता था। कई बार तो ऐसे में महिला अत्यधिक दर्द से टूट जाया करती थी।

इस तरह हुआ इस नियम का अंत 

इस तरह हुआ इस नियम का अंत 

हालाँकि इस नियम या प्रथा को लंबे समय तक नहीं चलाया जा सका था। यहाँ नांगेली नामक महिला ने इसका खुलकर विरोध किया था और इसके बाद से ही इस नियम पर लगाम लगा दी गई थी। लेकिन चौंकाने वाली बात है कि इस देश में नारी के लिए ऐसी भी कोई प्रथा प्रचलित रही है। 

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क्या आज के समाज में महिलाओं को किसी भी तरह की प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है?