रास्ते में चलते-चलते अचानक फटने लगे लड़की के कपड़े, झकझोर देगा ये वीडियो 

देश के हर इंसान को देखना चाहिए यह वीडियो। 

रास्ते में चलते-चलते अचानक फटने लगे लड़की के कपड़े, झकझोर देगा ये वीडियो 
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दिल्ली का निर्भया रेप केस तो आपको याद ही होगा। किस तरह दरिंदों ने निर्भया के साथ रेप कर दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी थीं। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल फोटो बदलकर काली फोटो लगा ली थी। फिर भी कुछ लोगों को विरोध की कमी लग रही थी तो उन्होंने लम्बे-लम्बे पोस्ट भी लिखे थे। कुछ लोग तो मोमबत्ती लेकर सड़कों पर भी उतर आए थे।

ये वीडियो विरोध जताते लोगों के बीच मौजूद कुछ चेहरों पर एक करारा तमाचा है। कैसे? आइये जानते हैं।

उसके लिए हर दिन होता है नई जंग 

उसके लिए हर दिन होता है नई जंग 

इस वीडियो की शुरुआत में बताया जाता है कि लड़की के लिए हर दिन जंग की तरह होता है। न चाहते हुए भी उसे दरिंदों के बीच से गुजरना ही पड़ता है। 

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हर दिन फटते हैं लड़कियों के कपड़े

हर दिन फटते हैं लड़कियों के कपड़े

फेसबुक पर लड़कियों की सुरक्षा पर ज्ञान देने वाले और मोमबत्ती लेकर सड़कों पर उतरने वाले उन लोगों में भी कई ऐसे चेहरे शामिल होते हैं जो हर दिन न जाने कितनी लड़कियों के कपड़े फाड़ते हैं।

नजरें ही होती हैं काफी

नजरें ही होती हैं काफी

ये समाज और पुलिस के डर से उन्हें छूकर तो कपड़े नहीं फाड़ पाते, मगर इनकी नजरें ही सभी हसरतें पूरी कर देती हैं। इसी बात को बड़ी गहराई के साथ इस वीडियो में दिखाया गया है।

हर उम्र का इंसान 'सेंकता है आँखें' 

हर उम्र का इंसान 'सेंकता है आँखें' 

ऐसा नहीं है कि दरिंदगी दिखाने वाले उम्र में छोटे या बड़े नहीं हो सकते। हर उम्र का इंसान इसका अपराधी होता है। वो बात अलग है कि लोग इसे रेप नहीं, 'आँखें सेंकना' कहते हैं।

घर व ऑफिस में भी नहीं हैं सेफ 

घर व ऑफिस में भी नहीं हैं सेफ 

घर, ऑफिस, स्कूल, कॉलेज ऐसी कोई जगह नहीं है जहाँ लड़कियां सुरक्षित हों, फिर सड़कों को तो छोड़ ही दीजिए। हर जगह लोग उन्हें छूने के बहाने ढूंढते रहते हैं। 

झकझोर देगा इसका अंत

झकझोर देगा इसका अंत

इक्का-दुक्का डायलॉग वाले इस वीडियो का अंत ऐसे लोगों का गिरेबान पकड़ कर उन्हें झकझोर देने की काबिलियत रखता है।

देखिये वीडियो

फेसबुक पर ज्ञान देने से बेहतर है कि हम एक बार अपने गिरेबान पर झांककर देखें। इस तरह की नजरों का सामना हमारी अपनी बहन या माँ को भी करना पड़ता है। जरूरत है पहले अपनी नज़रें साफ़ करने की। 


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