नवाजुद्दीन ने फिर साबित किया कि वो हैं 'गालियों के गुरु', उनकी पाठशाला में सीखिए नई गालियां 

सभी अक्षरों से गालियां सिखा रहे हैं बाबूमोशाय। 

नवाजुद्दीन ने फिर साबित किया कि वो हैं 'गालियों के गुरु', उनकी पाठशाला में सीखिए नई गालियां 
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'गालियों के काल' को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है। 'पूर्व गैंग्स ऑफ़ वासेपुर' और 'पश्चात गैंग्स ऑफ़ वासेपुर'।

'पूर्व गैंग्स ऑफ़ वासेपुर' काल में अगर कोई भला इंसान किसी लड़की के सामने, किसी कमीने इंसान को माँ-बहन की गालियां दे देता था तो उसे घृणा की दृष्टि से देखा जाता था। लड़कियां उससे मुँह फेर लेती थीं। उसके माथे पर बुरे इंसान का टैग चिपक जाता था और उसका लड़की से साथ रिलेशनशिप में आने का स्कोप पूरी तरह से खत्म हो जाता था।

फिर आई 'गैंग्स ऑफ़ वासेपुर', जिसके रिलीज होने के साथ ही गालियों के दूसरे काल का उदय हुआ। इसमें गालियों का इस्तेमाल उतनी ही शिद्दत से किया गया था जितनी शिद्दत से शाहरुख़ खान रोमांटिक डॉयलॉग्स बोलते हैं। फिर क्या था, फिल्म में इस्तेमाल की गई गालियां लोगों के जेहन में उतर गईं। सोशल मीडिया पर बनने वाला हर मीम बिना गालियों के फीका लगने लगा। चाहे कोई 5 सेकंड का भी वीडियो बनाए, मगर गालियों के भुरकाव के बिना उसके वीडियो पर से 'X फेक्टर' नदारद रहता था। इनशॉर्ट गालियां 'स्वैग' का पर्यायवाची बन गईं।

मिलिए प्रोफेसर बाबूमोशाय गालीबाज से

मिलिए प्रोफेसर बाबूमोशाय गालीबाज से

ये वही प्रोफेसर हैं जिन्होंने 'गैंग्स ऑफ़ वासेपुर' में फैजल खान बनकर गोलियों से ज्यादा गालियां बरसाई थीं। इन्हें गालियों के दूसरे काल के उदय का जनक कहना गलत नहीं होगा। इस बार भी ये हमारे लिए कुछ 'ब्रांड न्यू' गालियां लेकर आए हैं।  

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हर सिचुएशन के लिए है अल्टरनेट गाली

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प्रोफेसर बाबूमोशाय गालीबाज हमारे लिए जिन गालियों की सौगात लेकर आए हैं, उसमें आपकी हर पुरानी गाली का एक न एक रिप्लेसमेंट तो मौजूद है ही। सिर्फ इतना ही नहीं, वो तो हमारे लिए नई गालियों की पूरी डिक्शनरी लेकर आए हैं। 

आगे सीखिए ऐसी गालियां जो आपने आज से पहले नहीं सुनी होंगी। 

माँ का, बहन का, बेटी का....

माँ का, बहन का, बेटी का....

माँ का, बहन का, बेटी का, भाभी का, चाची का, पड़ोस वाली आंटी का, सबका रिप्लेसमेंट लेकर आया है बाबूमोशाय। क्योंकि हमें अगर कुत्ते को भी गाली देनी हो तो हम उसकी माँ-बहन को गाली देने लगते हैं। इसलिए अब हमें गालियों को रिप्लेस करने की जरुरत है। 

तो चलिए करते हैं शुरुआत

तो चलिए करते हैं शुरुआत

A से ऑटो की हाइट के इंसान

B से बारिश में बने सबसे बड़े खड्डे

C से चूहे के चीपड़

D से दारू की सबसे सस्ती ब्रांड (वो भी 30 ml)

आगे की गालियों में मिलेगी क्रिएटिविटी भी और मजा भी

इंसान की इससे ज्यादा बेइज्जती क्या होगी

इंसान की इससे ज्यादा बेइज्जती क्या होगी

E से इमू के पंख (इमू ऐसा पक्षी है जो उड़ता नहीं)

F से फेसबुक मेसेंजर के अदर फोल्डर  

G से ग्यारह डिजिट के OTP

H से हजार के नोट

छा गए गुरु!

छा गए गुरु!

I से इंटरनेट एक्स्प्लोरर का स्पीड, डायल अप कनेक्शन पर

J से जुलाब में पड़े हुए टमाटर के छिलके

K से कुत्ते की दुम में पड़े हुए जुएं

L से लैला का एक्स बॉय फ्रेंड (जिसका सारा फुटेज मजनू खा गया)

आगे देखिये वो गाली जिसे आप इसी वक्त किसी को देना चाहेंगे।

ये हुई असली गाली

ये हुई असली गाली

M से मॉल में पड़े डस्टबिन

N से नाली में पड़े हुए घुंघराले बाल

O से ऊह लाला के लाला

P से पुराने लवर के नाम का टैटू

तुस्सी ग्रेट हो

तुस्सी ग्रेट हो

Q से 'Queue' का 'ue'

R से रेस कार का हॉर्न

S से संडास से उछले पेशाब के छींटे

T से थूंक में तले हुए भजिये

आगे नवाजुद्दीन का वीडियो बाकी है मेरे दोस्त!

बहुत खूब!

बहुत खूब!

U से उधार के आलू

V से वेज बिरयानी

W से रॉंग साइड जलने वाले इंडिकेटर

X से ब्लेंक शीट के ज़ेरॉक्स

इससे ज्यादा बेकार इंसान कौन होगा?

इससे ज्यादा बेकार इंसान कौन होगा?

Y से येलो कलर की मर्सिडीज

Z से ज़हर की एक्सपाइरी डेट

जाते-जाते अंतिम स्लाइड में देखिए नवाजुद्दीन का गालियों से भरा मजेदार वीडियो। 

इसे देखकर नहीं रोक पाएंगे अपनी हंसी। 

हमें पूरी उम्मीद है कि प्रोफेसर बाबूमोशाय गालीबाज से आपको बहुत कुछ सीखने को मिला होगा। तो अब माँ-बहन करना बंद कीजिये और गालियों के तीसरे काल को शुरू कीजिये। और हाँ! इस आर्टिकल को अपने फ्रेंड्स के साथ शेयर करना न भूलें। 

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क्या आज से आप भी इन्हीं नई गालियों का इस्तेमाल करेंगे?