मुकेश अंबानी के बच्चों का भी पॉकेटमनी को लेकर ऐसा था हाल, काम की बात है पढ़ लो

स्कूल में मजाक उड़ाते थे दूसरे बच्चे। 

मुकेश अंबानी के बच्चों का भी पॉकेटमनी को लेकर ऐसा था हाल, काम की बात है पढ़ लो
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मुकेश अंबानी का नाम भारत के सफल उद्योगपतियों में शुमार हैं। और तो और उनकी गिनती दुनियाभर के सफलतम बिजनेसमैन में होती है। वैसे अंबानी ग्रुप की सफलता की बात की जाए तो मुकेश अंबानी ने इसके लिए जी तोड़ मेहनत की है। तब जाकर उन्हें यह मुकाम मिला है। तभी तो पैसा हो या शोहरत हर चीज अंबानी के कदम चूमती है। बावजूद इसके वो जमीन से जुड़े आदमी हैं। 

हालांकि उनकी और उनके परिवार की लाइफस्टाइल देखने के बाद अधिकांश के मन में यह खयाल आता होगा कि उन्हें तो किसी चीज की कोई कमी नहीं होगी। अब मुकेश अंबानी इतने अमीर हैं। ऐसे में बच्चों को भी किसी तरह की कोई कमी नहीं होती होगी। 

खैर, आप ज्यादा मत सोचिए। हम आपके लिए आज ऐसी ही कुछ जानकारियां जुटाकर लाए हैं। इसे पढ़ने के बाद आपको कई सवालों के जवाब मिल जाएंगे। तो फिर देर किस बात की है। आइए जानते हैं मुकेश अंबानी के बच्चों और उनके जेब खर्च के बारे में।

सफल उद्योगपति और सफल पिता

सफल उद्योगपति और सफल पिता

मुकेश अंबानी, अंबानी ग्रुप के सबसे सफलतम बिजनेसमैन तो हैं मगर जब बात उनके निजी जीवन की हो तो वो एक अच्छे पति और पिता भी हैं। 

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मुकेश-नीता की परवरिश 

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मुकेश और नीता अंबानी अपने तीनों बच्चों अनंत, आकाश और ईशा की परवरिश और संस्कारों में हर उस बात का खयाल रखते हैं जो उन्हें अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित करें।  

नीता का अहम रोल 

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नीता चाहे इस देश के सबसे अमीर उद्योगपति की पत्नी हैं लेकिन इसके बावजूद वो इस बात का खयाल रखती हैं कि उनके बच्चों पर शोहरत का नशा न चढ़े। नीता स्वयं एक मिडिल क्लास फैमिली में पली-बढ़ी हैं। स्कूल-कॉलेज जाने के लिए वो बस का सहारा लेती थीं। 

आम आदमी की जिंदगी 

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नीता अपने तीनों बच्चों अनंत, आकाश और ईशा को लक्ज़री कार की बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट से स्कूल भेजती थीं। ताकि वो आम आदमी की जिंदगी में होने वाली परेशानियों को समझ पाएं।

बेहद कम पॉकेटमनी

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2011 में दिए एक इंटरव्यू के दौरान नीता अंबानी ने बताया कि, 'स्कूल जाने के दौरान मैं अपने बच्चों को केवल 5-5 रुपये पॉकेटमनी देती थी ताकि वो पैसे का महत्त्व समझें। लोगों का सम्मान करें।' 

लेकिन फिर एक दिन...

10 रुपये की मांग 

10 रुपये की मांग 
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एक दिन जब तीनों बच्चे स्कूल जाने के लिए तैयार हुए तो सबसे बड़ा बेटा अनंत उनके पास आया और 10 रुपये की मांग करने लगा। नीता ने जब अनंत से पूछा कि वो ज्यादा रुपयों की मांग क्यों कर रहा है? 

तो अनंत ने कहा... 

दोस्त मजाक उड़ाते हैं 

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10 रुपयों की मांग पर अनंत ने कहा, "मेरे साथी पॉकेट खर्च के लिए मेरे हाथ में पांच रुपये देखकर मेरा मजाक उड़ाते हैं। जब मैं पांच रुपये लेकर कुछ लेने जाता हूँ तो लड़के कहते हैं कि तू अंबानी है या भिखारी है।"

बेटी में माँ के संस्कार 

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जैसा कि हम बता चुके हैं कि नीता एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। उनकी फैमिली बहुत अनुशासित थीं। उन्हें बाहर जाने की इजाजत भी कम मिलती थी। ठीक उसी तरह वे अपनी फैमिली में भी अनुशासन बनाए रखना चाहती हैं।

टीचर बनने का सपना 

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शादी से पहले नीता अंबानी टीचर बनने का सपना देखा करती थीं। लेकिन फिर उनकी शादी मुकेश अंबानी से हो गई। उनके जिम्मे अंबानी परिवार की जिम्मेदारियां आ गई।

मैडम नहीं भाभी 

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नीता अंबानी भी जमीन से जुड़े व्यक्तित्व की धनी हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके घर में काम करने वाले सदस्य उन्हें मैडम या मिसेस अंबानी नहीं बल्कि भाभी कहकर बुलाते हैं क्योंकि नीता अंबानी को भाभी सुनना ज्यादा अच्छा लगता है।  

तो देखा आपने देश का सबसे धनी परिवार अपने संस्कारों को बनाए रखने के लिए कैसे आम जिंदगी वाला जीवन जीता है। 

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क्या आप मानते हैं कि इन्हीं कुछ बातों से इंसान बड़ा बनता है?