एक जीवनकाल में 450 बार पीरियड्स से गुजरती हैं महिलाएं, जानिए इससे जुड़े रोचक तथ्य

कुछ बातें आपको भी चौंकाएंगी। 

एक जीवनकाल में 450 बार पीरियड्स से गुजरती हैं महिलाएं, जानिए इससे जुड़े रोचक तथ्य
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महीने के वो दिन किसी भी लड़की या महिला के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं होते। इस दौरान उनमें शारीरिक और हार्मोनल बदलाव आते हैं, जिसका सीधा असर महिलाओं के व्यवहार और उनकी मानसिक स्थिति पर पड़ता है। कुछ महिलाओं के लिए ये दिन इतने कष्ट भरे होते हैं कि उनके लिए जीना मुश्किल हो जाता है। वहीं कुछ महिलाओं के लिए ये दिन सामान्य दिनों की तरह ही होते हैं। 

पीरियड्स से जुड़े मुद्दों के बारे में पुरुष तरह-तरह के कयास लगाते रहते हैं। इसका एक कारण यह भी है कि हमारे यहां माहवारी जैसे मुद्दों पर खुलकर बात नहीं होती। लेकिन ये जानना बेहद जरूरी है कि पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो महिलाओं के शरीर से विषाक्त तत्वों को निकालने का काम करती है। 

तो चलिए आज हम आपको महिलाओं के पीरियड्स से संबंधित कुछ ऐसी बातें बताते हैं जो आपको बिल्कुल नहीं मालूम होगी। आइये जानते हैं पूरी बात।

12 साल की उम्र से पीरियड्स 

12 साल की उम्र से पीरियड्स 

पहले के समय में पीरियड्स, किशोरावस्था के समय से शुरू होते थे लेकिन आजकल की लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से इसकी समयसीमा घटकर 12 वर्ष हो गई है। 

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आधा कप ब्लीडिंग 

आधा कप ब्लीडिंग 
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सामान्य तौर पर महिलाओं और लड़कियों को ये लगता है कि पीरियड्स के दौरान उन्हें बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हुई है। लेकिन असल में पूरी पीरियड साइकिल के दौरान केवल 2 टेबल स्पून या आधा कप ब्लीडिंग होती है।  

पुरुषों की ओर आकर्षण 

पुरुषों की ओर आकर्षण 
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पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कुछ हार्मोनल बदलाव होते हैं जो उन्हें पुरुषों के प्रति ओर भी ज्यादा आकर्षित करते हैं। इसी कारण वो पार्टनर की ओर ज्यादा आकर्षित होती हैं।

आवाज बदलना 

आवाज बदलना 
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महिलाओं के पीरियड्स पर हुए कुछ अध्ययनों में तो ये भी कहा गया कि इस दौरान महिलाओं की आवाज में कुछ परिवर्तन आ जाता है।

प्रेग्नेंसी जैसे लक्षण 

प्रेग्नेंसी जैसे लक्षण 
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जिस तरह गर्भवती होने पर हार्मोनल बदलाव होते हैं। ठीक उसी तरह पीरियड्स में भी हार्मोनल बदलाव होते हैं। सिर और शरीर में भारीपन, कमर दर्द, मिचली आना आदि इन दोनों स्थितियों के समान लक्षण हैं।

और भी ज्यादा उत्तेजित 

और भी ज्यादा उत्तेजित 
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अध्ययनों में ये भी बताया गया कि पीरियड्स के दौरान महिलाएं शारीरिक संबंध बनाने के लिए और भी ज्यादा उत्तेजित हो जाती है। इस समय उनके शरीर में आए हार्मोनल परिवर्तन की वजह से ऐसा होता है। 

450 पीरियड्स

450 पीरियड्स
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एक महिला पूरे जीवनकाल में 450 बार पीरियड्स से गुजरती है। खासतौर पर वेस्टर्न कल्चर की महिलाओं और उनकी लाइफस्टाइल की वजह से ये परेशानी उन्हें ज्यादा समय तक झेलनी पड़ती है।

11 हजार टॅम्पून्स का उपयोग 

11 हजार टॅम्पून्स का उपयोग 
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एक महिला पीरियड्स के दौरान रक्त स्त्राव को रोकने के लिए टॅम्पून्स या सेनेटरी नैपकिन्स का उपयोग करती है। अध्ययन में ये पाया गया कि एक सामान्य महिला अपने जीवनकाल में 11,000 टॅम्पून्स का इस्तेमाल कर लेती है। 

और भी ज्यादा आक्रामक 

और भी ज्यादा आक्रामक 
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पीरियड पर हुई स्टडीज में ये भी साबित हुआ कि इस दौरान हुए हार्मोनल परिवर्तन की वजह से महिलाओं में आक्रामकता बढ़ जाती है। ऐसे में वो ज्यादा चिड़चिड़ी और गुस्सैल हो जाती है।

वर्जिनिटी 

वर्जिनिटी 
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टॅम्पून्स को लेकर ये तथ्य मशहूर है कि इसका इस्तेमाल केवल महिलाएं या वे लड़कियां कर सकती हैं जिन्होंने अपनी वर्जिनिटी खो दी हो। लेकिन असल में ऐसा कुछ नहीं है, टॅम्पून्स बनाए ही ऐसे मटैरियल से जाते हैं जिससे लड़कियों की वेजाइना की हायमन परत को कोई नुकसान ना पहुंचे और उनकी वर्जिनिटी बनी रहे।

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क्या आप मानते हैं कि महिलाओं को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है?