महिलाओं से जुड़े ये illustrations दिखाते हैं कड़वी सच्चाई, आप भी जरूर देखिए

कुछ तो आपको झकझोर देंगे। 

महिलाओं से जुड़े ये illustrations दिखाते हैं कड़वी सच्चाई, आप भी जरूर देखिए
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यदि आप उन चुनिंदा लोगों में से हैं जिन्हें जिंदगी के थपेड़ों के साथ-साथ लोकल ट्रांसपोर्ट के भी थपेड़े पड़ते हैं तो बधाई हो। आप हमारी बात को सही मायनों में फील कर पाएंगे। लोकल ट्रांसपोर्ट की बात इसलिए क्योंकि ये नजारा सबसे ज्यादा वहीं देखने को मिलता है। कौनसा नजारा?

वहीं जब किसी लड़की के कन्धों से चमचमाती 'ब्रा स्ट्रिप'। 'लेडीज सीट' कहकर अलग कर दी गई कुछ सीटों पर बैठे हट्टे-कट्टे, चुस्त-तंदरुस्त नौजवान। 'मैडम एक्सक्यूज मी' कहकर हल्के से छू जाने वाले भैया। खैर, ये लेडीज वाली बातें हैं। आप कहाँ समझेंगे?

यदि आप इन 'लेडीज वाली' बातों से परिचित होना चाहते हैं तो हमारे पास आपके लिए कुछ illustrations हैं। यह सभी महिलाओं से ही जुड़े हुए हैं। इन्हें बनाया है Walid Ebeid ने। यह सभी लाजवाब हैं। एक बार देखिए। यकीन मानिए आपको हैरान कर देंगे। 

मन में बहुत कुछ रह गया हो जैसे  

मन में बहुत कुछ रह गया हो जैसे  

तस्वीर में लड़की पलंग पर बैठी है। चेहरे के भाव से बहुत कुछ समझा जा सकता है। लेकिन अगर आप और भी बेहतर तरीके से तस्वीर समझना चाहते हैं तो एक बार उस सामान की ओर देखिये जो पलंग के नीचे हैं।

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एक पीड़ा ये भी 

एक पीड़ा ये भी 
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इसे देखकर आप खुद समझ गए होंगे कि रूमाल पर लाल निशान किस पीड़ा को दर्शा रहा है।

बिना शब्दों के सबकुछ 

बिना शब्दों के सबकुछ 
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एक बहुत ही फेमस quote है कि, 'Picture is a poem without words'. इसे देखकर यही लगता है कि इसे शब्दों की जरूरत नहीं।

इस एक बात की कमी सी है 

इस एक बात की कमी सी है 
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हाथों के पास रखा एक गुलाब का फूल है, साथ ही एक किताब भी रखी हुई है। उस पर से किसी का अचानक आ जाना 'सरप्राइज' से कम न होगा। लेकिन फिर भी खुशी का भाव क्यों नहीं है?

सेक्स ऑब्जेक्ट से परे 

सेक्स ऑब्जेक्ट से परे 

महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या ये भी है कि उन्हें कई बार महज एक 'सेक्स ऑब्जेक्ट' के रूप में देखा जाता है। भला हो उन लोगों का जो एक स्त्री को इससे परे भी देख पाते हैं।

क्या वाकई ये सही जगह है?

क्या वाकई ये सही जगह है?

जमीन पर पड़े फूल ये दर्शा रहे हैं कि इनकी जगह गुलदान में होनी चाहिए थी। ठीक उसी तरह पलंग पर दुल्हन के लिबास में बैठी बच्ची की दशा भी कुछ ऐसी ही है। 

दयनीय होती है स्थिति 

दयनीय होती है स्थिति 
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महिलाओं को हमेशा गंभीरता से लिया जाए ये जरूरी है। यदि आप एक पढ़े-लिखे तबके से हैं तब स्थिति थोड़ी बेहतर हो सकती है। यदि आपके साथ ऐसा नहीं है तो फिर स्थिति दयनीय हो सकती है।

इसके बारे में क्या विचार है 

इसके बारे में क्या विचार है 
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इसे देखकर आप किन-किन चीजों के बारे में बात करना चाहेंगे। इसमें तो लगभग हर पीड़ा दर्शा दी गई है। जिस औरत की पीठ पर शतरंज रखा है, उसके तन पर कपड़ा तक नहीं। 

कितने सवाल लिए है ये तस्वीर 

कितने सवाल लिए है ये तस्वीर 
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इसमें किस बात पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। तकिए पर रखी खुली किताब या सवालिया नजरों के साथ बैठी इस औरत पर। 

अंत में ये तस्वीर 

अंत में ये तस्वीर 

अंत में थकान से चूर इस औरत की तस्वीर को भी देख लीजिए। आपको ये illustrations कैसे लगे और आप इन्हें देखकर क्या सोचते हैं, हमें कमेंट के जरिए जरूर बताएं।   

image courtesy- Shuffle Sketch

क्या आप मानते हैं कला के जरिए समाज को खूबसूरती से दर्शाया जा सकता है?