इन बातों से चलता है पता कि मैच्योरिटी के मामले में आपका पार्टनर है 'जीरो'

लंबी नहीं होती ऐसी रिलेशनशिप की उम्र।

इन बातों से चलता है पता कि मैच्योरिटी के मामले में आपका पार्टनर है 'जीरो'
SPONSORED

'तुम कितने क्यूट हो' से 'तुम कब तक बच्चे रहोगे' तक आने में बहुत ज्यादा समय नहीं लगता है। लड़कियों में बचपना होने की बात तो फिर भी पचाई जा सकती है। लेकिन लड़कों की बात हो तो मामला गड़बड़ा जाता है। डेटिंग की शुरुआत में आपको अपने मेल पार्टनर की क्यूट हरकतें अच्छी लग सकती हैं। मगर समय गुजरने के साथ ही उनका यह बचपना जी का जंजाल बन जाता है। 

आप रिश्ते में तो आ जाते हैं। लेकिन असली जंग उसे निभाने की होती है। रिश्ते को चलाने के लिए मैच्योरिटी बहुत जरूरी होती है। अक्सर ही ब्रेकअप के बाद सुनने को मिलता है कि 'मैं उस समय मैच्योर नहीं था ना।' छोटे उम्र के रिश्ते, बचपने की वजह से ही टूटते हैं क्योंकि बचपने में हम किसी भी चीज को गंभीरता से नहीं लेते हैं। 

जिस व्यक्ति के अंदर बचपना हो उसके साथ रिश्ता निभाना बहुत मुश्किल हो सकता है। किन हरकतों से पता चलता है कि सामने वाला मैच्योर है? यही हम आपको इस स्टोरी के जरिए बताने वाले हैं।

आपको जलाने की कोशिश 

आपको जलाने की कोशिश 

एक मर्द अपनी पार्टनर पर गुरुर करता है। लेकिन अगर आपका पार्टनर बच्चा है तो वो आपको बार-बार जताने की कोशिश करेगा कि उसके पास आपके अलावा भी विकल्प हैं।

RELATED STORIES

खुद में व्यस्त 

खुद में व्यस्त 
via

वो आपको डेट तो कर रहे हैं लेकिन उन्हें सिर्फ खुद से मतलब है। उन्हें आपके सपनों और रुचियों में कोई इंटरेस्ट नहीं है। आपकी कोई बात अगर उनके इंटरेस्ट की होती है, तभी वो उस पर ध्यान देते हैं। 

संबंध बनाने में भी जल्दी 

संबंध बनाने में भी जल्दी 
via

उनका झुकाव इंटिमेसी की तरफ ज्यादा है। वो अधिकतर मूड में ही रहते हैं। उसमें भी जब इंटिमेट होने की बात आती है तो वो आप पर हावी हो जाते हैं और सबकुछ अपने ही हिसाब से करते हैं। 

नहीं कर सकते उन पर भरोसा 

नहीं कर सकते उन पर भरोसा 
via

आमतौर पर गर्लफ्रेंड को पता होता है कि अगर कोई प्रॉब्लम हुई तो उसका पार्टनर उस स्थिति को संभालने के लिए है। लेकिन अगर आप उनसे ये उम्मीद नहीं कर सकती हैं तो उनमें मर्दों वाली बात ही नहीं।

नहीं ले सकते निर्णय 

नहीं ले सकते निर्णय 
via

उनकी तरफ से तो कभी 'चलो ऐसा करते हैं' जैसी बात आती ही नहीं है। लेकिन आप कुछ प्लान बना लो तो भी वो डिसिजन नहीं ले पाते हैं। इसके अलावा अगर वो कोई और निर्णय भी कॉन्फिडेंस के साथ नहीं लेते हैं तो फिर तो बात क्लियर है। 

बेवजह का झगड़ा 

बेवजह का झगड़ा 
via

उन्हें छोटी-छोटी बातों में गुस्सा आता है। वो परिस्थिति को समझने के बजाए बहस करने लगते हैं तो यह भी समझदारी का संकेत तो बिलकुल नहीं है। 

मां सा अहसास 

मां सा अहसास 
via

आपको उन्हें हर बात में टोकना पड़ता है। उनके कपड़ों-बर्तन से लेकर बिस्तर तक आपको ठीक करना पड़ता है या उन्हें याद दिलाना पड़ता है तो उनमें नाम मात्र की भी समझदारी नहीं है। 

जीतना मकसद 

जीतना मकसद 
via

अपनी गलती मान लेना परिपक्वता की निशानी होती है। लेकिन वो तो कभी अपनी गलती मानते ही नहीं है। इतना ही नहीं उन्हें झगड़े को सुलझाने से ज्यादा बहस में जीत जाना ज्यादा महत्वपूर्ण लगता है। 

नहीं टिक पाते 

नहीं टिक पाते 
via

जिंदगीभर एक ही जॉब में पड़े रहना भी सही नहीं होता है। लेकिन बस थोड़ा मन नहीं लगा या छोटी सी बात के लिए ही जॉब छोड़ते रहना बचपना ही है। उनमें समझ ही नहीं है कि जिंदगी में सबकुछ अपने हिसाब से नहीं होता है। 

उनके साथ फ्यूचर प्लान?

उनके साथ फ्यूचर प्लान?
via

हम किसी बड़े प्लान की बात नहीं कर रहे हैं। ये आपके रिश्ते के बारे में हैं। यदि उन्हें सिर्फ वर्तमान से ही मतलब है और आपके रिश्ते के भविष्य के बारे में बात करने पर वो चिढ़ जाते हैं या उनके इस बारे में कोई विचार ही नहीं है तो यह मैच्योरिटी का संकेत तो बिलकुल नहीं है। 

नहीं आपके साथ 

नहीं आपके साथ 
via

भले ही पूरी दुनिया आपके खिलाफ हो जाए लेकिन आपका पार्टनर हमेशा आपके साथ खड़ा होता है। लेकिन वो डरपोक है तो ऐसी स्थिति में वो दूर-दूर तक नजर नहीं आएंगे। उनके अनुसार यह 'तुम खुद ही खुद को संभालो' वाली बात होगी।

नहीं करते कॉम्प्रोमाइज 

नहीं करते कॉम्प्रोमाइज 
via

जब किसी के अंदर मैच्योरिटी आ जाती है तो वो समझता है कि जिंदगी में छोटी-छोटी कुर्बानिया देनी पड़ती है। मगर वो तो झुकने के लिए तैयार ही नहीं है। उन्हें सबकुछ अपने हिसाब से ही करना है तो यह भी बचपने का संकेत है।

नहीं करते आपकी केयर 

नहीं करते आपकी केयर 
via

कभी थका होने पर थोड़ा सिर दबा देना या मूड खराब होने पर प्यार से गले लगा लेना, ये सब तो उन्हें आता ही नहीं है। उन्हें आप पर क्या गुजर रही है इससे फर्क नहीं पड़ता।

चार लोग क्या कहेंगे?

चार लोग क्या कहेंगे?
via

जब आप रिलेशनशिप में होते हैं तो कई लोगों की नजर में आप गलत ही होते हैं। वो आपको लेकर बातें भी बनाते हैं। समझदार लोगों को इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन वो समझदार नहीं है तो वो दुनिया की बातों में ही उलझे रहेंगे।

खुलकर नहीं करते बात 

खुलकर नहीं करते बात 
via

एक मैच्योर व्यक्ति समझता है कि कभी-कभी इमोशनल हो जाने या अपना दर्द बांट लेने से किसी की मर्दानगी कम नहीं हो जाती है। लेकिन वो अपने इमोशनंस को जाहिर करने से डरते हैं तो वो तो अभी बच्चे ही हैं। 

यदि आपके पार्टनर में भी ये सारे लक्षण दिख रहे हैं तो आपको सतर्क होने की जरूरत है। उन्होंने समय रहते बचपना नहीं छोड़ा तो आपके लिए यह रिश्ता निभाना मुश्किल हो जाएगा। 

क्या आप मानते हैं कि किसी भी रिश्ते की नींव में इन बातों का होना बहुत जरूरी होता है?