पीरियड्स के दौरान अपनाइए ये इको-फ्रेंडली नैपकिन्स, सस्ते होने के साथ-साथ किफायती भी हैं

यह भी महिलाओं के लिए अच्छा ऑप्शन है।

पीरियड्स के दौरान अपनाइए ये इको-फ्रेंडली नैपकिन्स, सस्ते होने के साथ-साथ किफायती भी हैं
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जल्द ही अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म 'पैडमैन' रिलीज होने वाली है। जब से अक्षय कुमार ने इस फिल्म को लेकर दिलचस्पी दिखाई है और इस पर काम शुरू किया है। तब से ही सैनिटरी पैड्स को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। सैनेटरी नैपकिन पर आधारित फिल्म में बताया गया है कि महीने के उन दिनों में महिलाओं के लिए सैनेटरी पैड्स का इस्तेमाल कितना जरूरी होता है। 

इस फिल्म की कहानी एक रियल लाइफ पर्सन अरुणाचलम मुरुगनथम की स्टोरी पर आधारित है जिन्होंने महिलाओं के लिए कम लागत में सैनेटरी पैड बनाने वाली मशीन का अविष्कार किया था। उनके द्वारा बनाए गए सैनेटरी पैड्स सस्ते तो थे ही मगर इसके साथ ही वे इको फ्रेंडली भी थे। 

वैसे इसके अलावा भी ऐसे कई सैनेटरी नैपकिन्स हैं जो सस्ते होने के साथ-साथ इको फ्रेंडली भी हैं। तो आइये आज बात उन्हीं के बारे में।

पैड्स और टैम्पून्स का इस्तेमाल 

पैड्स और टैम्पून्स का इस्तेमाल 

सामान्य तौर पर पीरियड्स के दौरान महिलाएं सैनेटरी नैपकिन्स और टैम्पून्स का इस्तेमाल करती हैं। ग्रामीण इलाकों में तो आज भी महिलाएं कपड़े का यूज करती हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक है।

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महंगे होते हैं नैपकिन्स 

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माह के उन दिनों में इस्तेमाल किए जाने वाले ये नैपकिन्स बहुत महंगे होते हैं। कई टैक्सेस के चलते इनकी कीमत भी बढ़ जाती है। 

आनंदी नैपकिन्स-आकार इनोवेशंस

आनंदी नैपकिन्स-आकार इनोवेशंस
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आकार इनोवेशंस के सैनेटरी नैपकिन्स ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए जाते हैं और ये पूरी तरह इको-फ्रेंडली होते हैं। इन्हें बायोडिग्रेडेबल चीजों से बनाए जाते हैं। इन पैड्स को आनंदी पैड्स के नाम से बेचा जाता है और ये अन्य सैनेटरी नैपकिन की तुलना में 40% सस्ते होते हैं। 

जयश्री इंडस्ट्री 

ये वहीं अरुणाचलम मुरुगनाथम हैं, जिन पर अक्षय ने फिल्म 'पैडमैन' बनाई है। इन्हें 'मेंस्ट्रुअल मैन' के नाम से पहचाना जाता है। उन्होंने एक ऐसी मशीन बनाई है, जिससे एक दिन में 1,000 पैड बनाए जा सकते हैं। वे इन पैड्स को बेहद सस्ते दाम 16 रूपये में 8 पैड्स देते हैं। 

Ecofemme 

Ecofemme 
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Ecofemme कंपनी ऐसे पैड्स उपलब्ध करवाती है, जिसे इस्तेमाल के बाद धोया जा सकता है। इसे ऐसे मटैरियल के साथ तैयार किया जाता है, जो लंबे समय तक अच्छा बना रहता है। ये इको-फ्रेंडली होने के साथ-साथ महिलाओं की बॉडी के लिए भी लाभकारी होता है।

SheCups 

SheCups 
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जो लड़कियां या महिलाएं टैम्पून्स या पैड्स का इस्तेमाल करने से बचती हैं। उनके लिए इन कप्स का निर्माण किया गया है। इन कप्स को वेजाइना के अंदर लगाया जाता है। इससे रक्त की गंध, रैशेस, खुजली आदि से बचा जा सकता है।

Goonj NJPC 

Goonj NJPC 
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गूँज नाम के इस फोरम में पहले कपड़े बनाए जाते थे, जिसके बाद उन्होंने सैनेटरी नैपकिन्स बनाना शुरू किया। शुरुआत से अब तक गूँज 2.5 मिलियन पैड्स बनाए हैं। यह पूरी तरह एनवायरमेंट फ्रेंडली, रियूजेबल और इकोनॉमिक क्लॉथ सैनेटरी पैड्स हैं।   

50 रुपए प्रति पैकेट्स

50 रुपए प्रति पैकेट्स
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इसे कॉटन, खादी और फ्लैनेल फेब्रिक से बनाया जाता है। इन पैड्स की कीमत 50 रुपये प्रति पैकेट होती है। 

AZADI 

AZADI 
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AZADI 100% बायोडिग्रेडेबल नैपकिन्स बनाता है जो बाजारी मूल्यों से 43% तक सस्ते होते हैं।

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इन पैड्स के इस्तेमाल से बायोलॉजिकल तरीके से भी बेहतर होते हैं, साथ ही साथ काफी किफायती भी होते हैं।

क्या आप मानते हैं कि इस तरह की बातों को लेकर जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए?