मैच के बाद होता है गेंद का ऐसा हाल, आइए टटोलते हैं जवाब

पुरानी गेंदों से जुड़ी ये बातें रोचक हैं।

मैच के बाद होता है गेंद का ऐसा हाल, आइए टटोलते हैं जवाब
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किसी भी क्रिकेट मैच के दौरान बैट्समैन बड़े ही ध्यान से और सोच-समझकर अपने बैट का चुनाव करते हैं। किसी भी मैच में बैट की तरह ही बॉल भी बहुत महत्वपूर्ण रोल प्ले करती है। क्रिकेट बॉल को लैदर और कॉर्क का यूज़ करके बनाया जाता है। आमतौर पर टेस्ट मैचों में लाल तो वन -डे मैचों में सफेद गेंद का इस्तेमाल किया जाता है। 

हमने कई टेस्ट मैचों में देखा है कि गेंद से असंतुष्ट होने पर गेंदबाज या कप्तान नई गेंद की मांग करते हैं। किसी मैच में नई बॉल आने पर आपने कभी सोचा है कि उस पुरानी गेंद का क्या होता होगा? आप में से कई लोगों के दिमाग में यह सवाल आता होगा। 

आज हमने इसी सवाल का जवाब जानने की कोशिश की है। हाल ही में 'बीसीसीआई' के द्वारा इस संबंध में एक वीडियो शेयर किया गया है। इसे देखकर आपको भी कुछ हद तक इस सवाल का जवाब मिल जाएगा। बाकी बातें हम आपको इस स्टोरी के जरिए बता देंगे। 

प्लेयर के पास 

प्लेयर के पास 

जब किसी मैच में कोई खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन करता है तो उसे, उस मैच में इस्तेमाल की गई बॉल याद के रूप में दे दी जाती है। हाल ही में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए मैच के बाद भी ऐसा ही हुआ था।  

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चहल के पाले में आई बॉल 

चहल के पाले में आई बॉल 

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच छह वन डे मैचों की सीरीज खेली जा रही है। सीरीज का दूसरा मैच 4 फरवरी 2018 को हुआ था। मैच में युजवेंद्र चहल ने ताबड़तोड़ प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के बूते उन्हें यह गेंद मिली थी। 

लिए थे 5 विकेट 

लिए थे 5 विकेट 

मैच में चहल ने 22 रन देकर पांच विकेट्स झटके थे। गेंद पर मैच, उसकी डेट, ग्राउंड से लेकर परफॉर्मेंस तक सबकुछ लिखा गया था।

बेच दी जाती है 

बेच दी जाती है 
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जी हां! इन गेंदों को फैंस को बेच दिया जाता है। इसके लिए बाकायदा नीलामी का आयोजन भी किया जाता है। ऐसा किसी खास बॉल के साथ ही किया जाता है। 

बिकी थी बॉब विल्स की गेंद 

बिकी थी बॉब विल्स की गेंद 
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पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर बॉब विल्स ने 1981 की ऐशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 8 विकेट झटके थे। इस मैच में विल्स लाल रंग की लेदर बॉल से खेले थे। इस बॉल को 2017 में ही 10 लाख रुपए से ज्यादा कीमत में बेचने के लिए रखा गया था।

जूनियर्स को गिफ्ट्स 

जूनियर्स को गिफ्ट्स 
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कई खिलाड़ी डोमेस्टिक और रीजनल लेवल पर दमदार प्रदर्शन करते हैं। कुछ गेंद इन युवा क्रिकेटर्स को बतौर प्रशंसा दे दी जाती है।

यह है उदाहरण 

यह है उदाहरण 
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सेतु पुरोहित ड्रिस्ट्रक्ट क्रिकेट खेलने वाले एक खिलाड़ी हैं। उन्होंने क्वेश्चन-आंसर प्लेटफार्म Quora पर जानकारी शेयर करते हुए लिखा है कि उन्हें भी इस तरह बॉल गिफ्ट की गई थी।

फैंस को गिफ्ट्स 

फैंस को गिफ्ट्स 
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यह गेंद फैंस को गिफ्ट की जा सकती है। टेलीकम्यूनिकेशन कंपनी 'वोडाफोन' हमेशा से आईपीएल को बेहतर तरीके से भुनाते आया है। आईपीएल के छठवें सीजन में वोडाफोन सुपरफैन लेकर आया था। इसमें क्रिकेटप्रेमियों को अपने क्रिकेट लकी चार्म की तस्वीर के साथ ही अपना नंबर देना था।

बदले में मिला ये 

बदले में मिला ये 
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लकी विनर्स को आईपीएल मैच के दौरान हॉस्पिटैलिटी स्टैंड में बैठकर मैच देखने का मौका मिला। साथ ही उन्हें विनिंग टीम के कप्तान के ऑटोग्राफ वाली मैच बॉल भी मिली थी। 

फिर से इस्तेमाल 

फिर से इस्तेमाल 
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कभी-कभी गेंदे समय से पहले ही टूट फट जाती है। ऐसे में इस जगह दूसरी बॉल ली जाती है जो नई नहीं होती है। बल्कि इसकी जगह उतने ही ओवर तक इस्तेमाल कर ली गई किसी बेहतर बॉल को लिया जाता है।

कब होती है बॉल रिप्लेस 

कब होती है बॉल रिप्लेस 
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टेस्ट क्रिकेट के दौरान आपने कई बार टीम को गेंद बदलते देखा होगा। पांच दिनी क्रिकेट में 80 ओवर के बाद गेंद बदली जा सकती है। फील्डिंग टीम इस बारे में अंपायर को बताते हैं। इसके बाद बल्लेबाज को जानकारी देकर गेंद बदल दी जाती है। 

ये थे कुछ तरीके 

ये थे कुछ तरीके 
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पुरानी गेंदों को और भी कई तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है। हमने आपके साथ कुछ प्रमुख बिंदु शेयर किए हैं। आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो अन्य क्रिकेटप्रेमियों के साथ शेयर करना ना भूले। आप मेरी अन्य स्टोरीज यहां पढ़ सकते हैं। 

क्या आप क्रिकेट से जुड़ी और भी कोई जानकारी जानना चाहते हैं?