बॉलीवुड में ही संभव हैं ये 10 चीजें, फिर हवा में कार उड़ाना हो या बर्फ में कम कपड़ों में नाचना हो

बैकग्राउंड में कभी भी बजने लगता है म्यूजिक।

बॉलीवुड में ही संभव हैं ये 10 चीजें, फिर हवा में कार उड़ाना हो या बर्फ में कम कपड़ों में नाचना हो
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लाइट्स, कैमरा, एक्शन।

फिल्म का सीन चल रहा है, "फिल्म के हीरो की चिता जल रही है और उस चिता के सामने ही विलेन हीरोइन के साथ बदसलूकी कर रहा है। तभी हीरोइन ,हीरो का नाम पुकारती है और हीरो के शरीर में सनसनाहट होती है और हीरो अपनी उस जलती हुई चिता से बाहर आकर विलेन और उसके पूरे गैंग की सफाई कर देता है और आखिर में दुश्मनों के सरताज उस खूंखार विलेन को इतनी ऊपर हवा में उछालता है कि वो जमीन पर गिरता नहीं बल्कि जमीन के अंदर धंस जाता है कि उसका जरा सा कतरा भी दिखाई नहीं देता और इस तरह हीरो अपनी हीरोइन को बचा लेता है।

साउथ की फिल्म के इस सीन को देखने के बाद कोई डरे ना डरे, हंसता जरूर है। कहते हैं कि फिल्में समाज का प्रतिबिम्ब होती है और वो वहीं सच्चाई दिखाती है जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी होती है। लेकिन कभी-कभी फिल्म में मसाला डालने के लिए डायरेक्टर्स ऐसा कुछ कर देते हैं जो असलियत कम मजाक ज्यादा बनकर रह जाता है। 

आज हम बॉलीवुड फिल्म्स की ऐसी ही कुछ फनी सिचुएशंस आपको बताने जा रहे हैं। इन्हें देखकर आप भी सोचेंगे कि क्या वाकई ऐसा हो सकता है? तो आइये और मजे लीजिए।

हीरोइनों को मेकअप 

हीरोइनों को मेकअप 

ऐसा सिर्फ बॉलीवुड फिल्मों में ही हो सकता है। सुबह सोकर उठने के बाद भी हीरोइनों का मेकअप एकदम टिपटॉप होता है। जैसे उठते ही किसी शादी में जाना हो और कपड़ों का तो बस पूछिए ही मत।

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मूँछ या बिना मूँछ 

मूँछ या बिना मूँछ 

सोचिए किसी दिन गलती से नाई ने आपकी मूँछ काट दी और जब आप घर पहुँचे तो आपकी पत्नी से आपको पहचानने से इनकार कर दिया। अरे डरिये मत। ऐसा केवल फिल्मों में होता है जब आपकी बीवी बिना मूँछ के आपको नहीं पहचान पाती।  

सारी पढ़ाई बेकार 

सारी पढ़ाई बेकार 

रोहित शेट्टी की फिल्मों में तो फिजिक्स का कोई नियम लगता ही नहीं है। कार हवा में उड़ती है हीरो पानी पर चलता है। जय हो रोहित शेट्टी बाबा की। 

जिगर माँ बड़ी आग है 

जिगर माँ बड़ी आग है 
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बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर ऐसा होता है टेम्प्रेचर जितना कम होता है हीरोइन के कपड़े उससे भी ज्यादा कम होते हैं। फिल्मों में केवल हीरो को ही ठंड लगती है। अब समझ आया हीरोइनों को हॉट क्यों कहा जाता है।

हीरो की गोलियां 

हीरो की गोलियां 
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हिंदी फिल्मों में सब कुछ हो सकता है लेकिन हीरो के रिवॉल्वर में डली गोलियां कभी खत्म नहीं होती। अरे गोलियां है या RBI के रेग्युलेशंस, शुरू होते हैं तो खत्म होने का नाम ही नहीं लेते।

आखिर कौन है ये लोग? 

आखिर कौन है ये लोग? 

अपनी प्रेमिका को देखकर बैकग्राउंड में रोमांटिक म्यूजिक बजने लगता है। आखिर कौन हैं, ये लोग जो हर मौके पर गिटार लेकर पहुंच जाते हैं।

माँ की आँखों की रोशनी 

माँ की आँखों की रोशनी 

जो माँ पिछले 20 सालों से अंधी थी। वो एक दिन मंदिर जाती है और मंदिर की सीढ़ियों से सिर टकराने की वजह से उसकी आँखों की रोशनी आ जाती है। जय हो डायरेक्टर साहब की। 

एक जैसा स्टेप 

एक जैसा स्टेप 
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अगर हम अपनी गली में नाचना शुरू कर दे तो लोग बोलेंगे पगला गया है और हंसना शुरू कर देंगे। लेकिन ये देखिए बॉलीवुड फिल्मों में तो गली मोहल्लेभर के हर इंसान को एक जैसा स्टेप आता है। कमाल है।  

एक्शन सीन 

एक्शन सीन 
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बॉलीवुड फिल्मों में भी बड़ा बवाल है। पहले जानबूझकर अकेले विलेन के घर उससे लड़ने पहुंच जाते हैं फिर जब विलेन की गैंग घेर लेती है तो अकेला हीरो पूरी की पूरी गैंग को पछाड़ देता है।  वाह भाई वाह।

एक जैसी चीजें 

एक जैसी चीजें 
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जुड़वाँ लोगों को एक साथ एक ही समय पर एक जैसी चीजें महसूस होती है। वैसे क्या सच में ये पॉसिबल है?  

देखिए ऐसी साउथ की ऐसी ही एक फिल्म का फनी एक्शन सीन। 

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क्या आप मानते हैं कि हिंदी फिल्मों में कुछ भी होता रहता है?