अगर दारु और गड्डी वाले गानों ने दुखा दिए हैं कान, तो दिल और कान दोनों को सुकून देंगे ये सूफी गाने

रेगिस्तान की धूप में ठंडी हवा के झोंखे जैसे हैं ये गाने। 

अगर दारु और गड्डी वाले गानों ने दुखा दिए हैं कान, तो दिल और कान दोनों को सुकून देंगे ये सूफी गाने
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गड्डी, कुड़ी, दारु, पैग, स्वेग, टशन आदि कुछ ऐसे मोती हैं जो आजकल हर लिरिक्स राइटर और म्यूजिक कम्पोजर के पास बोरे भरकर पाए जाते हैं। उनके पास जब कोई इंसान गाना बनाने का ऑफर लेकर आता है तब वो किसी घिसी-पिटी या पुराने गानों की धुन के धागे में इन्हीं मोतियों को पिरोकर एक नया गाना बना देते हैं। एकाध महीने तक उस गाने की धुन पर लोग पार्टियों में थिरक लेते हैं और उसके बाद वो गाना गुमनाम हो जाता है।

संगीत की बर्बादी के इस दौर में सिर्फ सूफी संगीत ही है जो रूह बनकर उसे जिन्दा रखे हुए है। इसे सुनकर ऐसा महसूस होता है जैसे रेगिस्तान की चिलचिलाती धूप में ठंडी हवा का झोंका। जैसे सूखते गले में, मटके का ठंडा पानी।

अगर आपके कान भी दारु और गड्डी वाले गाने सुन-सुन कर दर्द देने लगे हैं तो आपके लिए पेश हैं कानों को सुकून पहुंचाने वाले कुछ बेहतरीन सूफी गाने।

'कुन फया कुन' (रॉकस्टार)

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हाल ही में ए. आर. रहमान को छठी बार बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर के नेशनल अवार्ड से नवाजे जाने की घोषणा की गई है। ये गाना सुनकर आप समझ ही गए होंगे कि वो क्यों इस अवार्ड को डिजर्व करते है।  

'मौला मेरे' (चक दे इंडिया)

इस गाने के एक-एक लफ्ज़ में दर्द कूट-कूट कर भरा हुआ है। जब आप आँखें बंद करके इसे ईयरफोन में सुनेंगे तो ये आपको यादों की सैर पर ले जाएगा। 

'तोसे नैना लागे' (अनवर)

अगर आपने कभी किसी से सच्चा प्यार किया है और आप उस प्यार को महसूस करना चाहते हैं तो ये गाना आपके लिए है।  

'तेरी सजनी' (तेरी सजनी)

'तेरी सजनी' एल्बम का ये सांग सबसे अंडररेटेड सूफी सांग्स में से एक है। इस गाने के लिरिक्स और मास्टर सलीम की आवाज सीधी आपके दिल में उतर जाएगी। 

'मन की लगन' (पाप)

इस गाने को रिलीज हुए 14 साल से ज्यादा वक्त हो गया है मगर आज भी जब आप इसे सुनेंगे तो ये आपको ये बिलकुल ताजा महसूस होगा। 

'ओ रे पिया' (आजा नचले)

राहत फ़तेह अली की आवाज से सजे इस गाने में प्यार का एक नशा है जो आपको इसे बार-बार सुनने के लिए मजबूर कर देगा। 

'अर्जियां' (दिल्ली-6)

ए. आर. रहमान का ये कम्पोजीशन आपको ईश्वर के करीब ले जाता है। इस गाने में एक अलग तरह की फीलिंग है जो आप सिर्फ इसे सुनकर महसूस कर सकते हैं। 

'बुल्लेया' (सुल्तान)

बहुत सारे गानों की भीड़ में कभी-कभी एक गाना ऐसा आ जाता है जो भीड़ से अलग होता है, जिसे सुनकर हमें कुछ अच्छा महसूस होता है। 'बुल्लेया' वही एक गाना है। 

'रंगरेज' (तनु वेड्स मनु)

जितनी खूबसूरत 'तनु वेड्स मनु' फिल्म है उतना ही खूबसूरत फिल्म का ये गाना है। वडाली ब्रदर्स द्वारा गए इस गाने में प्यार का मीठा दर्द छुपा हुआ है। 

'तेरी दीवानी'

जब बात सूफी गानों की हो रही हो और कैलाश खैर के गाने तेरी दीवानी का जिक्र ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। ये गाना कैलाश के गाए गए बेस्ट सॉन्ग्स में से एक है। 

'साँसों की माला पे'

"ना जाने किस भेस में साँवरिया मिल जाय, झुक झुक कर संसार में सबको सलाम" ऐसे खूबसूरत लिरिक्स से सजा  नुसरत फतेह अली खान का ये गाना अगर आपकी प्लेलिस्ट में शामिल नहीं है तो तुरंत इसे अपनी प्लेलिस्ट में शामिल करें। 

'तू माने या ना माने'

अगर आप 90's बॉर्न हैं तो ये गाना आपको काफी नॉस्टैल्जिक फील देगा। इस गाने में आप पहले प्यार का एहसास महसूस कर पाएंगे। 

तो अगर आपकी प्लेलिस्ट में ये गाने शामिल नहीं हैं तो तुरंत इन्हें प्लेलिस्ट में शामिल करें। ये आपके कानों और दिल दोनों को सुकून देंगे। साथ ही साथ इस आर्टिकल को अपने करीबियों के साथ शेयर करना ना भूलें। 

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क्या आज कल के गानों से आपके कान भी दुखने लगे हैं?