ये हैं भारत के कुछ अजीबोगरीब मंदिर, चाइनीज काली मंदिर भी शामिल

यहाँ प्रसाद में चढ़ाई जाती हैं चाइनीज डिशेज। 

ये हैं भारत के कुछ अजीबोगरीब मंदिर, चाइनीज काली मंदिर भी शामिल
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भारत में मंदिर गिनना उतना ही मुश्किल है, जितना आसमान में तारे गिनना। यदि हम हिन्दू धर्म के सभी देवी-देवताओं के मंदिर बनाने के बारे में सोचें तो हमें 64 करोड़ मंदिर बनाने पड़ेंगे क्योंकि ग्रंथों के अनुसार हिन्दू देवी देवताओं की संख्या 64 करोड़ है। और भारत में सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि सभी धर्मों के लोग रहते हैं इसलिए भारत की गली-गली में मंदिरों का होना लाजमी है।

आपने कभी ना कभी कुछ ऐसे मंदिरों के बारे में जरूर सुना होगा जो दूसरे मंदिरों से अलग होते हैं या उनकी प्रथाएं अजीबोगरीब होती हैं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं। कुछ मंदिरों के तो नाम भी काफी हटकर हैं। तो देर किस बात की है। चलिए करते हैं शुरुआत।

रावण मंदिर, रावणग्राम, विदिशा 

रावण मंदिर, रावणग्राम, विदिशा 

पूरे देश में हर साल दशहरा पर रावण दहन किया जाता है मगर मध्यप्रदेश के रावणग्राम में रावण का मंदिर है, जहाँ पूरी श्रद्धा से रावण की पूजा की जाती है। 

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काली सिंह मंदिर, मुजफ्फरनगर, मध्यप्रदेश 

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काली सिंह मंदिर देश का इकलौता ऐसा मंदिर है, जहाँ पर जानवरों की पूजा की जाती है। इस मंदिर में लोग जानवरों को अच्छा खाना खिलाते हैं और उनकी भगवान की तरह पूजा करते हैं।

त्रिशुंड गणपति मंदिर, पुणे

त्रिशुंड गणपति मंदिर, पुणे
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गणेश जी की एक सूंड होती है ये हम सभी जानते हैं मगर पुणे के इस मंदिर में गणेश जी की प्रतिमा की तीन सूंडें हैं, जिसकी वजह से इस मंदिर का नाम त्रिशुंड गणपति मंदिर है। 

चाइनीज काली मंदिर, टंगरा, कोलकाता

चाइनीज काली मंदिर, टंगरा, कोलकाता
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कोलकाता के इस काली मंदिर में प्रसाद के रूप में नूडल्स और फ्राइड राइस जैसी चाइनीज डिशेज का भोग लगाया जाता है और यही प्रसाद भक्तों में बांटा जाता है, जिसकी वजह से इस मंदिर का नाम चाइनीज काली मंदिर पड़ गया है। 

करणी माता मंदिर, राजस्थान

करणी माता मंदिर, राजस्थान
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राजस्थान का यह मंदिर माँ दुर्गा के एक रूप करणी माता का है। इस मंदिर में 20,000 से भी ज्यादा चूहे हैं जिन्हें खिलाया पिलाया जाता है और उनकी पूजा भी की जाती है। 

ज्वाला माता मंदिर, हिमाचल प्रदेश

ज्वाला माता मंदिर, हिमाचल प्रदेश
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हिमाचल का यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। इस मंदिर में सदियों से बिना तेल बाती के प्राकृतिक रूप से नौ ज्वालाएं जल रही हैं। इन नौ ज्वालाओं की नौ देवियों के रूप में पूजा की जाती है। 

काल भैरव, उज्जैन, मध्यप्रदेश

काल भैरव, उज्जैन, मध्यप्रदेश
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मध्यप्रदेश का काल भैरव मंदिर करीब छः हजार साल पुराना माना जाता है। इस मंदिर की खासियत है कि यहाँ प्रसाद के रूप में मदिरा चढ़ाई जाती है और मंदिर में काल भैरव की प्रतिमा मदिरापान भी करती है। 

ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर, राजस्थान

ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर, राजस्थान
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सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा के भारत में गिने चुने मंदिर हैं जिनमें से सबसे बड़ा मंदिर पुष्कर का है। इस मंदिर में हर साल प्रसिद्ध पुष्कर मेला भी लगता है। संगमरमर से बना यह मंदिर चांदी के सिक्कों से सजाया गया है। 

कामाख्या मंदिर, असम

कामाख्या मंदिर, असम
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असम का यह मंदिर भी 51 शक्तिपीठों में से एक है। मंदिर के स्थान पर मां सती का योनि भाग गिरा था। यही वजह है कि इस मंदिर में योनि की पूजा की जाती है।

भारत माता मंदिर, हरिद्वार

भारत माता मंदिर, हरिद्वार
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भारत को हमारे देश में माँ की तरह देखा जाता है ये बात हम सभी जानते हैं मगर क्या आप जानते हैं कि हरिद्वार में भारत माता मंदिर भी है। इस मंदिर का हर फ्लोर विभिन्न देवी देवताओं एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित है।

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क्या आप मानते हैं कि भारत में मंदिरों से जुड़े अनेक रहस्य मौजूद हैं?