ये है थाईलैंड जहां 'पचपन' के बाद लौट आया है 'बचपन'

केवल इस कारण स्कूल जा रहे हैं बुजुर्ग।

ये है थाईलैंड जहां 'पचपन' के बाद लौट आया है 'बचपन'
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हर दिन देश-दुनिया में कुछ न कुछ अनोखा देखने को मिलता है। कुछ बातें हमें उदास कर देती हैं तो वहीं कुछ चीजें हमारे चेहरे पर मुस्कान ले आती हैं। थाईलैंड की ऐसी ही एक मजेदार बात सामने आई है, जिनमें वहां की जनसंख्या का खुलासा किया गया था। आंकड़े चौंकाने वाले इसलिए थे क्योंकि इसमें बुजुर्गों की संख्या काफी ज्यादा थी।

घर के बाकी सदस्यों के काम पर चले जाने के कारण वहां के बुजुर्गों को अकेले रहना पड़ रहा था, जिससे उनमें नकारात्मकता और तनाव बढ़ता जा रहा था। इसी परेशानी को खत्म करने के लिए वहां की सरकार ने एक अनोखा काम किया है।

थाईलैंड सरकार ने अयूथाया की चिरांग राक न्युई नामक जगह पर केवल बुजुर्गों के लिए एक खास स्कूल खोला है। यहां पर सभी बुजुर्ग बच्चों की तरह स्कूल ड्रेस पहनकर जाते हैं। और तो और पूरे दिन अलग-अलग गतिविधियां करते हैं। इस स्टोरी में हम आपके लिए यहां की कुछ ऐसी तस्वीरें लेकर आए हैं, जिन्हें देखकर आपके चेहरे पर प्यारी-सी मुस्कान आ जाएगी। अब देर मत कीजिए। तुरंत पढ़िए यह स्टोरी।

जीने लगे अपना बचपन

जीने लगे अपना बचपन

थाईलैंड के बुजुर्गों का कहना है कि स्कूल जाने के बाद वे लोग अपना बचपन दोबारा से जीने लगे हैं।

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फिर लौट आईं खुशियां

फिर लौट आईं खुशियां

थाईलैंड सरकार ने जिस उद्देश्य से यह स्कूल खोला था, उसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। वे बुजुर्ग जो अलेकेपन के कारण उदास और परेशान रहते थे, अब उनमें खुशियां और उत्साह देखा जा सकता है।

दिनभर होती हैं अलग-अलग गतिविधियां

दिनभर होती हैं अलग-अलग गतिविधियां

यहां पर बच्चों के स्कूलों की तरह ही अलग-अलग चीजों के लिए क्लास लगाई जाती है। साथ ही यहां खेल-कूद, संगीत आदि गतिविधियां भी करवाई जाती है।

12 हफ्तों का कोर्स

12 हफ्तों का कोर्स

बुजुर्गों के इस स्कूल में 12 हफ्तों का कोर्स होता है, जिसमें कई चीजें सिखाई जाती हैं। उन्हें खुश रहने की और जिंदादिली से जीवन जीने की बात समझाई जाती हैं।

रहता है इंतजार

रहता है इंतजार

थाईलैंड की 63 वर्षीय निवासी पूनसी सेंगयूआल का कहना है कि उन्हें हर दिन स्कूल जाने का इंतजार रहता है। वहां उनके बहुत सारे दोस्त है तो समय कैसे बीत जाता है, पता ही नहीं चलता।

बदल गई पूरी जिंदगी

बदल गई पूरी जिंदगी

चुचारत सुपकेरड़ नाम के एक बुजुर्ग ने कुछ दिनों पहले ही इस स्कूल से अपना 12 हफ्तों का कोर्स पूरा किया था। उनका कहना है कि स्कूल जाकर उन्होंने कई नए मित्र बनाए। साथ ही उन्हें अपनी जिंदगी में कई सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिले हैं।

थाईलैंड की कुल आबादी

थाईलैंड की कुल आबादी

थाईलैंड की कुल आबादी 6.89 करोड़ है।

आज बुजुर्गों की संख्या

आज बुजुर्गों की संख्या

आंकड़े बताते हैं कि वहां आज 65 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले 75 लाख लोग हैं।

भविष्य में बुजुर्गों की संख्या

भविष्य में बुजुर्गों की संख्या

अनुमान के मुताबिक वर्ष 2045 तक थाईलैंड में बुजुर्गों की संख्या लगभग 1.7 करोड़ हो जाएगी।

इमेज सोर्स

लगातार बढ़ रही है पॉपुलैरिटी

लगातार बढ़ रही है पॉपुलैरिटी

इस स्कूल को लेकर बुजुर्गों के बीच दिन पर दिन पॉपुलैरिटी बढ़ती जा रही है। कई लोग दूसरों से प्रभावित होकर खुद भी यहां भर्ती हो रहे हैं।

थाईलैंड की ये पहल वाकई में बहुत अनोखी है। पूरी दुनिया को इससे सीख लेकर देश के बुजुर्गों के लिए कुछ न कुछ ऐसा करना चाहिए। आपको क्या लगता है? अपनी राय हमें कमेंट के जरिए जरूर बताएं।

क्या आप मानते हैं कि भारत में भी ऐसा ही कुछ शुरू होना चाहिए?