अब गांव-गांव जाकर लोगों को फिल्म दिखाएगा सिनेमा हॉल

ट्रक के पहिए पर दौड़ेगा मनोरंजन। 

अब गांव-गांव जाकर लोगों को फिल्म दिखाएगा सिनेमा हॉल
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शहरों में वीकेंड आने पर लोग मल्टीप्लेक्स में फिल्में देखकर फैमिली के साथ एंजॉय करते हैं। लेकिन गांव वालों के लिए ये सुविधा उपलब्ध नहीं है। हमारे देश की जो फिल्में पूरी दुनिया के लोग देख चुके हैं, उन्हें ही हमारे गांव के लोग अभी तक नहीं देख पाए हैं। इसका कारण है सिनेमाघरों की कमी और महंगे टिकट।

गांव में कोई सिनेमाघर नहीं। गांव से सटे शहरों में एक-दो थिएटर होते हैं। वो भी इतने महंगे कि गांव के लोगों के लिए वो मुमकिन नहीं हो पाता। गांव के उन्हीं लोगों की परेशानी का अंत करने के लिए बॉलीवुड के एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर सतीश कौशिक ने एक ऐसा प्लान बनाया है, जिससे गांव के लोग भी एयरकंडीशन में बैठकर फिल्में देख सकें, वो भी बिल्कुल सस्ती। इस काम के लिए ट्रक का सहारा लिया गया है। इस ट्रक को सिनेमाहॉल की तरह बनाया गया है। यह गांव-गांव घूमेगा और वहां के लोग इसमें लगने वाली नई और पुरानी फिल्मों का आनंद ले सकेंगे।

तो चलिए आप भी देखिए, इस डिजिटल मोबाइल सिनेमाहॉल की एक झलक।

सतीश कौशिक 

सतीश कौशिक 

इसे लॉन्च करने का श्रेय सतीश कौशिक को जाता है। कौशिक ने कहा, ''पिक्चर टाइम एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में नई क्रांति लाएगा। ये हमें डिजिटल मार्केटप्लेस का निर्माण करने तथा सीएससी (सिटिजन सर्विस सेंटर) के रूप में काम करने में मदद करेगा।''

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दुनिया का पहला ऐसा थिएटर

दुनिया का पहला ऐसा थिएटर
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यह दुनिया का पहला मोबाइल डिजिटल मूवी थिएटर है। इससे गांव के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। इसके बन जाने के बाद ग्रामीण इलाकों के लोग भी फिल्में देख सकेंगे।

डाॅल्बी साउंड

डाॅल्बी साउंड
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ऐसा नहीं है कि इसे सिर्फ यूं ही बना दिया गया है। इस सिनेमाहॉल को बिल्कुल उसी तरह से बनाया गया है, जैसे शहरों के सिनेमाघर होते हैं। इसमें डॉल्बी साउंड का इस्तेमाल किया गया है।

150 दर्शक

150 दर्शक
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इस मोबाइल डिजिटल मूवी थिएटर की सबसे ख़ास बात ये है कि इसमें एक साथ कम से कम 120-150 लोग बैठकर फिल्म देख सकेंगे। आमतौर पर इतनी ही सीट आजकल के मल्टीप्लेक्स की होती है।

टार्गेट ऑडिएंस

टार्गेट ऑडिएंस
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यह मोबाइल डिजिटल मूवी थिएटर शहरी लोगों के लिए नहीं बनाया गया है। आमतौर पर हर नई चीज़ का इस्तेमाल सबसे पहले शहरी लोग ही करते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ गांव के लोग ही करेंगे।

फिल्मों के नाम पर

फिल्मों के नाम पर
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अपने आप में ये मूविंग थिएटर नया कॉन्सेप्ट है। इसे बनाने का उद्देश्य ही गांव के लोगों तक सिनेमा को पहुंचाना है। जितने भी मोबाइल डिजिटल मूवी थिएटर बनेंगे, उन सबका नाम अलग-अलग बॉलीवुड फिल्मों पर रखा जाएगा।

भारत में कुल सिनेमा हॉल

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भारत में कुल 2200 मल्टीप्लेक्स हैं। अब आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि इतनी जनसंख्या में ये कितने कम हैं।

फुल एयरकंडीशन

फुल एयरकंडीशन
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ये मोबाइल डिजिटल मूवी थिएटर पंखे वाला नहीं होगा। जी हां, इसमें भी एयर कंडीशन लगे होंगे। गांव के लोगों को फुल मल्टीप्लेक्स का अनुभव दिया जाएगा। गांव के लोगों के लिए नया एक्सपीरियंस होगा ये।

35-75 रुपए में टिकट

35-75 रुपए में टिकट
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जब भी आप फिल्म देखने जाते हैं, तो टिकट का दाम कम से कम 200 होता है। ये उन सिनेमाघरों की बात है, जो पॉश इलाके में नहीं हैं। लेकिन इस सिनेमाघर में आपको केवल 35 से 75 रुपए में ही फिल्म की टिकट मिल जाएगी।

अब तक इतने बन चुके हैं

अब तक इतने बन चुके हैं
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मोबाइल डिजिटल मूवी थिएटर को बड़ी तेजी से बनाया जा रहा है। अब तक 35 बन चुके हैं। इससे तो यही लगता है कि बड़ी जल्दी इसे गांव-गांव रवाना किया जाएगा और गांव के लोगों को फिल्म दिखाई जाएगी।

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क्या आप मानते हैं कि इस तरह के प्रयासों से मनोरंजन जगत में क्रांति आएगी?